इंदौर। मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार और नागरिकों के लिए चिंता का विषय है। इंदौर में न केवल कोरोनावायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं बल्कि 6 नागरिकों में UK स्ट्रेन की पुष्टि हो गई है। याद दिला दें कि यह वही वायरस है जिसके कारण क्रिसमस के त्यौहार पर लंदन को लॉक डाउन कर दिया गया था। 

इंदौर के नोडल कोविड अधिकारी अमित मालाकार ने बताया कि 20 फरवरी को जांच के लिए दिल्ली भेजे गए 106 सैंपल्स में से 6 में UK स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में 10 से 15 फरवरी के बीच संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसमें से किसी भी मरीज की विदेश आने-जाने की हिस्ट्री नहीं है। 
इंदौर कमिश्नर डॉ. पवन शर्मा ने नया स्ट्रेन मिलने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘वायरस का नया वैरिएंट ज्यादा तेजी से फैलता है। इसलिए संक्रमण तेजी से फैल सकता है, इसीलिए रोको-टोको अभियान काे ज्यादा तेजी और ताकत से लागू करना होगा। सीएम ने भी इसे सख्ती से रोकने के निर्देश दिए हैं। शहर में 3 दिन तक हालात पर नजर रखी जाएगी, संक्रमण कम नहीं होने पर नाइट कर्फ्यू पर विचार किया जाएगा।’

संक्रमितों में राजेंद्र नगर का एक, तेजाजी नगर इलाके के तीन, पलासिया इलाके का एक और प्रेम नगर इलाके का एक पेंशेंट शामिल हैं। नया स्ट्रेन 10 से 40 साल की उम्र के मरीजों में मिला है। सभी मरीज पुरुष हैं और संक्रमण के बाद होम आइसोलेशन में हैं। इसमें से किसी भी मरीज की विदेश आने-जाने की हिस्ट्री नहीं है। इंदौर में इससे पहले विदेश से आए दो लोगों में UK स्ट्रेन की पुष्टि हुई थी।

कमिश्नर डॉ. पवन कुमार शर्मा ने शहर में तेजी ने नए केस मिलने के बाद सैंपल दिल्ली भेजने के निर्देश दिए थे। इसके लिए अलग-अलग लेबोरेटरी से चुने गए 100 से ज्यादा सैंपल दिल्ली भेजे गए थे। इन सैंपल के लिए अलग-अलग केस चुने गए। 51 सैंपल असिम्टोमेटिक या अत्यंत कम लक्षण वाले, 27 सैंपल अचानक हार्ट अटैक से मौत वाले और 17 सैंपल सेंट्रल लैब से लिए गए थे। बुरहानपुर में अचानक हुई मौतों के 3 सैंपल भी दिल्ली भेजे गए थे।

जीनोम सीक्वेंसिंग (अनुक्रमण) के जरिए किसी भी वायरस के DNA का अध्ययन किया जाता है। इसके जरिए DNA में मौजूद चार तत्त्व एडानीन, गुआनीन,, साइटोसीन और थायामीन (T) के क्रम का पता लगाया जाता है। इस तरीके से बीमारी का मूल कारण जानकर उसका समय पर इलाज करना और अगली पीढ़ी को रोग से बचाना संभव है। 

इंदौर के आसपास वाले इलाकों में रहने वाले लोग सोशल मीडिया पर मांग कर रहे हैं कि जिस प्रकार महाराष्ट्र के नागरिकों को मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के लिए मेडिकल इन्वेस्टिगेशन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है ठीक उसी प्रकार जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती तब तक इंदौर का बॉर्डर भी सील कर देना चाहिए। जिससे UK स्ट्रेन को इंदौर के बाहर जाने से रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *