सिवनी देशभर के आदिवासियों के हक की लड़ाई शरद पवार के नेतृत्व में लड़ेंगे। आदिवासी समाज के साथ मिलकर ईवीएम में छेड़छाड़ कर अपने अनुकूल चुनाव परिणाम हासिल करने वालों को रोका जाएगा। यह बाद रविवार को सिवनी जिले के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में भगवान बिरसा मुंडा ब्रिगेड द्वारा मिशन आदिवासी स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहे हैं। आयोजन में राष्ट्रवादी कांग्रेस प्रमुख शरद पवार भी शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के साथ हमें ईवीएम मशीनों में हो रही चोरी व लोकतंत्र को बचाने हमें सबके साथ मिलकर लड़ाई लडऩी पड़ेगी। हम लोग ना केवल आदिवासियों की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि देश में जो ईवीएम मशीन में चोरी हो रही है, उसकी लड़ाई भी हम शरद पवार के नेतृत्व में लड़ेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बटन दबाते हैं पता नहीं पड़ता वोट कहां गया। उन्होंने कहा कि वनवासी यदि शहर चला गया तो क्या अपना हक छोड़ देगा।

आदिवासी ही हैं जल, जंगल और जमीन बचाने वाले सभा को संबोधित करते हुए एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि आदिवासियों की समस्याओं व उनके अधिकारों के लिए हम सब एकजुट होकर सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। देश में जितने भी बांध बने हैं, हाइवे बने हैं, रेल मार्ग बने, इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासियों को अपनी जमीन से वंचित होकर उठाना पड़ा। वन अधिनियम 1972 बनने के बाद आदिवासियों के अधिकारों को सीमित कर दिया गया। जबकि जल, जंगल और जमीन को बचाने वाले आदिवासी ही हैं।

सभी बिंदुओं पर आदिवासियों की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी जाएगी। कार्यक्रम को महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगनभुजबल, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध मोहिते, डिंडोरी विधायक व आदिवासी नेता ओंमकार मरकाम, बरघाट विधायक अर्जुन सिंह काकोडिय़ा और बिरसा ब्रिगेड के प्रमुख सतीश पेंडाम ने भी संबोधित किया। पेंडाम ने कहा कि हम लोग ना केवल आदिवासियों की लड़ाई लड़ेंगे, बल्कि इस देश में जो ईवीएम मशीन में हो रही छेड़छाड़ की लड़ाई भी हम शरद पवार के नेतृत्व में लड़ेंगे।