इंदौर। भारत में जनगणना का आयोजन एक विशाल कार्य और इस दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक अभ्यासों में से एक माना जाता है। भारत की आगामी दशाब्दिक जनगणना वर्ष 1872 से सोलहवीं एवं स्वतंत्रता के बाद की आठवीं जनगणना होगी। 2021 का कार्य पहले की ही भांति दो चरणों में सम्पन्न किया जायेगा।

प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूरे भारत में एक अप्रैल से 30 सितम्बर, 2020 की अवधि में तथा द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना 2021 का कार्य 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2021 एक से 5 मार्च, 2021 के दौरान किया जायेगा। तात्पर्य यह है कि 1 मार्च, 2021 की स्थिति के अनुसार जनसंख्या के आंकड़े होंगे।

प्रथम चरण- मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के कार्य के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अद्यतन करने का कार्य भी किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिये पहली बार जानकारियों का संकलन वर्ष 2010 में मकानसूचीकरण कार्य के साथ किया गया था।

जिसे बाद में वर्ष-2015 में हाउस टू हाउस सर्वे के माध्यम से अपडेट करने का कार्य गया था।मध्यप्रदेश राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य तथा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करनेका कार्य एक मई, 2019 से 14 जून, 2020 की अवधि में किया जायेगा, जिसकी अधिसूचना मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 13 दिसम्बर 2019 में प्रकाशित की जा चुकी है।

जनगणना जैसे वृह्द कार्य परिचालन के लिये योजनाबद्ध तैयारी आवश्यक होती है। जनगणना परिचालक के कार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण करने के लिये जिला स्तर पर जनगणना हेतु विभिन्न जनगणना पदाधिकारियों एवं जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण, जनगणना सामग्री का समुचित एवं समयबद्ध वितरण, गुणवत्तापूर्ण तरीके से फील्ड कार्य करवाना,

प्रचार-प्रसार के माध्यम से जनजागृति उत्पन्न करना, फील्ड कार्य के उपरांत जनगणना अभिलेखों का समुचित व्यवस्थापन एवं प्रेषण, समय-समय पर जारी निर्देशों का जिलान्तर्गत समुचित अनुपालन इत्यादि सुनिश्चित करना होता है, जिससे कि जनगणना करने का सारा काम निर्धारित समय पर सही रूप में हो सके।
डिजिटल जनगणना मोबाइल एप एवं CMMS पोर्टल का प्रयोग

जनगणना-2021 पूर्व जनगणनाओं से भिन्न हैं, क्योंकि इस बार आंकड़ों के संग्रह में डिजिटल तकनीक का भरपूर उपयोग किया जा रहा है, जिससे त्वरित रूप से आंकड़ें उपलब्ध हो पाएंगे एवं समय-समय में आकंड़ों का प्रकाशन किया जा सकेगा।

पहली बार जनगणना-2021 में आंकड़ों का संग्रह मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल मोड में किया जायेगा। मोबाइल एप को भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय द्वारा तैयार किया गया है, जो android ऑपरेटिंग सिस्टम पर कार्य करते हैं।

जनगणना-2021 के लिये तैयार किये गये विभिन्न मोबाइल एप का विवरण निम्नानुसार है।Census 2021- Houselist इस एप के द्वारा मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के आंकड़े संग्रहित किये जायेंगे। Census 2021- NPR इस एप के द्वारा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अद्यतन करने का कार्य किया जायेगा।

AreGIS Quickcapture (HLB Mapping App) इस एप की सहायता से सुपरवाइजर के सुपरवाइजरी सर्किल के अंदर आने वाले प्रत्येक मकान सूचीकरण ब्लॉक की निर्धारित सीमा के टर्मिनल प्वाइंट्स को जी.पी.एस. की सहायता से कैप्चर किया जायेगा। Census 2021- Household इस एप के द्वारा जनसंख्या की गणना (Population Enumeration) के आंकड़े संग्रहीत किये जायेंगे।

इसके अतिरिक्त जनगणना के समस्त कार्य की रीयल टाइम मॉनीटरिंग Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल के माध्यम से की जायेगी। जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा CMMS पोर्टल मध्यप्रदेश राज्य के सभी जिलों के District Admin ID क्रिएट कर दिये गये हैं तथा Login ID एवं default password सभी जिलों को प्रेषित कर दिये गये हैं।

जनगणना अधिकारियों का प्रशिक्षण सम्पन्न

कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी लोकेश कुमार जाटव के निर्देशानुसार 18 से 22 फरवरी तक जनगणना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कलेक्ट्रेट में प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी और झोनल अधिकारियों तथा चार्ज जनगणना अधिकारियों को प्रशक्षिण दिया गया।

आज कलेक्ट्रेट के कक्ष क्रमांक 210 में नगर निगम इंदौर के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। जनगणना प्रशिक्षण के दौरान मुख्य प्रशिक्षक नमित यादव और अनिल केरकेटा ने प्रशिक्षण दिया।

इस उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को समय-सीमा में सम्पादित किया जाये। जनगणना के प्रथम चरण में मकानों का सूचीकरण किया जाये। राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्ट्रर को अद्यतन करने के लिये प्रशिक्षण आवश्यक है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चार्ज जनगणना अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

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