भोपाल. विधानसभा के लंबित कामों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने कहा कि शून्यकाल के सभी लंबित मामले सत्र शुरू होने के पहले शून्य हो जाएं। उन्होंने कई विभाग के अफसरों को फटकार लगाई। खासतौर पर वन, कृषि, राजस्व, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, सहकारिता व गृह विभाग में विधानसभा के मामले लंबित होने पर नाराजगी जाहिर की।

विधानसभा के 17 दिसंबर से शुरू होने जा रहे सत्र को लेकर मंत्रालय में आयोजित बैठक में मोहंती ने कहा कि शून्यकाल के 10 मामले अब भी लंबित हैं, पिछली बैठक के बाद 40 मामले निपटे हैं। सत्र शुरू होने के पहले शून्यकाल के मामले शून्य हो जाना चाहिए। वन विभाग के अधिकारियों पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 21-21 दिन से मामले अटके हुए हैं। विधानसभा के मामलों में कोई प्रोग्रेस दिखाई नहीं दे रही। अन्य विभागों के लंबित कामों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आपका विभाग बड़ा है, तो आपके पास अमला भी बड़ा है। ऐसे में मामले लंबित क्यों हैं। इन्हें जल्द निपटाएं। सीएस ने कहा कि विधानसभा में मंत्री जो उत्तर देते हैं, वह आश्वासन हो जाता है। उन पर ध्यान दें।

बैठक में शून्यकाल, अपूर्ण प्रश्न, आश्वासन और लोक सेवा समितियों की सिफारिशों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की गई। मोहंती ने निर्देश दिए कि सभी विभागों में विधानसभा के लंबित कामों की समीक्षा हर सप्ताह करने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सत्र में आने वाले संभावित विधेयकों की स्थिति की जानकारी भी ली। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एम गोपाल रेड्डी, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन केके सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत व ग्रामीण विकास मनोज श्रीवास्तव मौजूद रहे।

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