इंदौर। धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र के खड़किया गांव में बुधवार को बच्चा चोरी का आरोप लगाते हुए 6 लोगों की बेहरमी से पिटाई कर दी थी। मॉब लिंचिंग की इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि 5 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिनका उपचार इंदौर के एमवाय अस्पताल में किया जा रहा है। गुरुवार को मप्र के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने एमवाय अस्पताल पहुंच घायलों से मुलाकात की। मंत्री सिलावट ने बताया कि मामले की जांच के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। वहीं मृतक के परिवार को दो लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने का निर्णय भी लिया गया है।
घायलों से मिलने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया को बताया कि मामले में संदिग्ध आरोपियों के रूप में लगभग 40 लोगों की पहचान की गई है जिसमें से 3 आरोपियों को पुलिस ने पकड़ भी लिया है। सिलावट ने कहा कि घटना में घायल लोगों का उपचार सरकार द्वारा कराया जाएगा।
घटना तिरला थाना क्षेत्र के खड़किया गांव की है। उज्जैन जिले के लिंबा पिपलिया गांव के पांच खेत मालिकों ने खड़किया के अवतार सिंह, राजेश, जामसिंह, सुनील व महेश को मजदूरी के लिए रखा था। 50-50 हजार रुपए एडवांस भी दिए थे। कुछ दिन मजदूरी के बाद ये लोग भाग गए। बकाया राशि लेने के लिए खेत मालिक दो कारों में सवार होकर बुधवार सुबह खड़किया पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने पत्थरों से उन पर हमला कर दिया। वे जान बचाकर मनावर के बोरलाय गांव पहुंचे तो फोन कर अफवाह फैला दी कि वे बच्चा चोरी कर भागे हैं। हाट बाजार होने से बोरलाय में काफी भीड़ थी। उन्होंने किसानों की गाड़ियां देखते ही लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया। 500 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
कार चालक गणेश पिता मनोज पटेल (38) को बड़वानी रैफर किया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। जगदीश राधेश्याम शर्मा (45), नरेंद्र सुंदरलाल शर्मा (42), विनोद तुलसीराम मुकाती (43), रवि पिता शंकरलाल पटेल (38), जगदीश पूनमचंद शर्मा को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रवि की हालत गंभीर है।
