शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने लोगों से कोरोना महामारी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है क्योंकि इस बार यह वायरस अधिक प्रभावशाली और खतरनाक बनकर लौटा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना के नए स्ट्रेन का अध्ययन करने के बाद पाया है कि इसमें खांसी और बुखार जैसे कोई लक्षण सामने नहीं आ रहे हैं और मरीजों को जोड़ों में दर्द, शारीरिक कमजोरी, कम भूख लगने और कोविड-19 निमोनिया जैसी समस्याएं आ रही हैं।

मुख्यमंत्री आज कांगड़ा जिले के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय टांडा के परिसर में प्रदेश में कोविड महामारी की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व में सामने आए मामलों के मुकाबले इस बार मरीजों का स्वास्थ्य बिगड़ने में कम समय लग रहा है और कभी-कभी कोई भी लक्षण सामने नहीं आ रहा है। इसलिए स्वयं, परिवार और समाज को खतरे में डालने से बेहतर है कि हम और अधिक सतर्क रहें।

ठाकुर ने चिकित्सा अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को उन लोगों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा जो होम क्वारंटीन में रखे गए हैं। ऐसे लोगों की निगरानी करने और इस घातक महामारी के विरूद्ध लड़ने तथा एहतियाती उपायों के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए स्थानीय पंचायती राज प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कारोना वायरस का सामुदायिक संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कोरोना वायरस संबंधी परीक्षणों को बढ़ाने के निर्देश दिए। कोरोना वायरस का नया रूप हमारे नासाग्रसनी भाग में नहीं रहता है और यह सीधे तौर पर फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। 

स्वास्थ्य विभाग लोगों को इस कठिन समय में प्रोत्साहित करे ताकि वे इस घातक महामारी से कम से कम प्रभावित हों। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और जहां तक संभव हो भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने और सार्वजनिक स्थानों व परिवहन के उपयोग के दौरान हर समय मास्क पहनने का आग्रह किया। बार-बार हाथ धोने की आदत को अपनाना चाहिए क्योंकि यह बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि लोगों की लापरवाही के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में नए मामले सामने आ रहे हैं जो समाज को खतरे में डाल रहे हैं।

कांगड़ा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरूदर्शन गुप्ता ने कहा कि कोरोना के नए स्ट्रेन के मरीजों में बुखार के कोई भी लक्षण सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन एक्स-रे की रिपोर्ट में निमोनिया के मामूली लक्षण सामने आ रहे हैं। इसका अर्थ है कि इस वायरस का सीधा प्रभाव फेफड़ों पर पड़ रहा है, जिससे वायरल निमोनिया के कारण मरीजों को सांस संबंधी गम्भीर दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। इससे यह साबित होता है कि कोरोना का नया स्ट्रेन अधिक जानलेवा और घातक है। उन्होंने कहा कि कोरोना की नई लहर पहले से अधिक जानलेवा है और हमें इस महामारी को हराने के लिए उचित स्वास्थ्य सम्बन्धी आदतों को अपनाना चाहिए।

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