जबलपुर। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाएं मार्च में शुरू होने जा रही हैं। इसके पहले प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। सर्वप्रथम बोर्ड परीक्षा परिणाम को बेहतर लाने के प्रयास में अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर भरत यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जिन स्कूलों के बोर्ड परीक्षा परिणाम खराब आएंगे उन स्कूल के प्राचार्य-शिक्षक का जिला निकाला होगा। मतलब प्राचार्य और शिक्षक का तबादला किसी दूसरे जिले में कर दिया जाएगा। बेहतर और उपेक्षा अनुरूप परिणाम देने वाले प्राचार्य-शिक्षक को 15 अगस्त या फिर अन्य आयोजनों में पुरस्कृत किया जाएगा। कलेक्टर के आदेश मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी ने इसकी जानकारी से प्राचार्यों तक पहुंचा दी है।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से दो टूक कहा कि कक्षा में विद्यार्थियों की उपस्थिति शत-प्रतिशत हो इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों की होगी। 75 प्रतिशत कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों को नियमित परीक्षार्थी न बनाया जाए उसे प्राइवेट के रूप में परीक्षा में शामिल किया जाए। कलेक्टर ने कहा जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम उनके अभिभावकों को नोटिस जारी कर इसकी जानकारी दी जाए। इसके बाद ही विद्यार्थी को प्राइवेट करने की प्रोसिस शुरू की जाए।

जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी महिला शिक्षक को तत्काल स्कूल में उपस्थिति देने को कहा जाए जो मेटरनिटी या सीसीएल अवकाश पर हैं। ऐसे सभी शिक्षकों के अवकाश निरस्त कर उन्हें स्कूल में अध्यापन कार्य के लिए बुलाया जाए। डीईओ ने कहा कि परीक्षा तक किसी भी शिक्षक को दोनों अवकाश नहीं मिलेंगे इसलिए प्राचार्य अवकाश के आवेदन न लें। जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्यों से कहा कि जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है वहां अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति तत्काल की जाए, इस वजह से बच्चों की पढाई प्रभावित न हो।

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