भोपाल । मध्यप्रदेश में आज से नकली व जहरीले दूध या खाद्य पदार्थों की विक्री व बनाने पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान हो गया है। आज मध्यप्रदेश के गजट नोटिफिकेशन दंड विधि मप्र संशोधन विधेयक २०२१ में इसका विधिवत प्रावधान हो गया है। 

तत्कालीन एसटीएफ पुलिस अधीक्षक अमित सिंह जिन्होंने अपनी एसटीएफ पदस्थापना के दौरान मुरेना एवं भिंड में कई चिलर प्लांटों पर रेड कर IPC की धारा २७२, २७३ में FIR का प्रोवीजन नहीं होने पर और मिलावट की धाराएँ असंज्ञेय अपराध होने से FIR दर्ज करने में कठिनाई अनुभव की थी तब उन्होंने IPC की धारा ४२० में प्रकरण दर्ज किया था तभी से ये माँग उठ रही थी की IPC की धारा २७२ २७३ को संज्ञेय अपराध बनाकर आजीवन कारावास का प्रावधान करना चाहिए ।

इस प्रकरण के बाद पूरे मध्यप्रदेश में इसके लिए अभियान चलाया गया था और अनेक जगहों पर FIR दर्ज की गयी थी आज राज्य सरकार ने अत्यंत प्रशंसनीय कार्य करते हुए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान करते हुए इसके लिये विधिवत एक्ट भी बना दिया है। बताया जाता है कि भारतीय दंड संहिता १९६० की धारा में मिलावट , जहरीले नकली खाद्य पदार्थो की विक्री धारा २७२, २७३ के तहत असंज्ञेय अपराध थी, इसमें केवल जुर्माने की सजा थी, एफआईआर नहीं की सकती थी, अब आज गजट नोटिफिकेशन से इसे संज्ञेय अपराध बना दिया गया है और आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है।

इससे पहले केवल बिहार पश्चिम बंगाल व उडीसा में ही यह संज्ञेय अपराध था। अब मध्यप्रदेश में मिलावट करना, मिलावटी पदार्थ बेचना दोनों ही आजीवन कारावास के तहत दंडनीय होंगे, एक्सपायरी पदार्थ बेचने पर ५ साल की सजा का भी प्रावधान किया गयाजहरीले व मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर मप्र में आज से एक नई शुरूआत हुई है। एक्ट बनने से अब मिलावटिये मिलावट नहीं कर पाएँगे इस पर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है आगे अन्य राज्य भी इसी प्रकार act पारित कर इसे संज्ञेय अपराध बनाएँ और अच्छा तो ये होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश के लिए ही ये प्रावधान लागू किया जाए तो ये अत्यंत प्रशंसनीय होगा

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