ग्वालियर। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के भिण्ड जिले में चंबल, सिंन्ध, बेसली, कुंवारी नदी से रेत का अवैध उत्खनन सहित सरसों तेल, दूध, पनीर, मावा में मिलावट करने वालों व सरकारी जमीन पर कब्जे करने वाले भू-माफिया के खिलाफ प्रदेश सरकार एक्शन मोड पर आ गई है। पडोसी जिले ग्वालियर सहित भोपाल-इंदौर व प्रदेशभर में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने माफिया की कमर तोडने के लिए सूची बनाकर कार्रवाई भी शुरू कर दी है लेकिन चंबल संभाग के भिण्ड में जिला प्रशासन व पुलिस अब तक माफिया को सूचीबद्ध तक नहीं कर सकी है। पुलिस व प्रशासन के ढीले रवैए का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भिण्ड में कलेक्टर छोटे सिंह, पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने सिर्फ बैठक की है, जिसमें यह तय नहीं हो सका कि हमें करना क्या है। प्रशासन ने अभी सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वह सभी तरह के माफिया को पहले चिन्हित करें फिर उनकी सूची बनाएं उसके बाद उनके खिलाफ कार्यवाही की रुपरेखा तैयार की जाएगी। इस संबंध में हर महीने की 15 व 30 तारीख को बैठक हुआ करेंगी। अब 30 दिसंबर को बैठक होगी उसमें पता चलेगा कौन-कौन माफिया है।
भिण्ड पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली की बात करें तो हमारे पडोसी जिले ग्वालियर में ट्रैफिक समस्या से लेकर अवैध निर्माण, मिलावटी खाद्य सामग्री की धरपकड से लेकर वाहनों की सामान्य चेकिंग, गुंडा तत्वों की धरपकड में रोज एक दर्जन से अधिक कार्रवाई हो रही हैं लेकिन हमारे यहां के अफसर तो बंगलों से ऑफिस व ऑफिस से सिर्फ बंगलों तक चक्कर काटकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं। जबकि चंबल, सिन्ध, बेसली व कुंवारी नदी से रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन करने में एक पूरा तबका लिप्त है।
भिण्ड जिला प्रशासन ने एंटी माफिया सेल का गठन जरुर कर दिया है। भिण्ड जिले में जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सरकारी जमीन और निजी जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफिया को चिह्नित किया गया है। शुरुआती दौर में 12 भू-माफिया के नाम सामने आए हैं। ऐसे माफिया और अवैध कॉलोनी काटने वाले कॉलोनाइजर के नाम छांटने की जिम्मेदारी सभी एसडीएम और जिला पंजीयक को दी है। साथ ही न्यायालय के आदेश पर जो अतिक्रमण हटाए जाने हैं, वे भी इस सेल को सौंप दिए हैं।
एंटी माफिया सेल मुख्य रूप से खनिज माफिया पर भी नजर रखेगा। बैठक में 12 रेत माफिया के नाम भी सामने आए हैं, जिन पर यह सेल कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसके अलावा जिला खनिज अधिकारी से अनधिकृत रूप से रेत गिट्टी आदि का कारोबार करने वाले ठेकेदारों की सूची मांगी है। साथ ही उन्हें पुलिस लाइन से पर्याप्त बल लेकर ऐसे माफिया पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं। शराब माफिया चिह्नित करने के लिए एंटी माफिया सेल ने आबकारी विभाग से शराब ठेकेदारों की जानकारी मांगी है, जिसमें उन्होंने किस ठेकेदार पर कितनी दुकानें है। साथ ही कितनी शराब बेची जा रही है। शराब परिवहन में जुड़े व शराब बनाने वाले लोगों के नाम छांटने के लिए कहा है। साथ ही उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश के बाद आबकारी विभाग कार्रवाई में जुट गया है।
शहर में लगने वाले चार पहिया ठेला वालों से हफ्ता वसूली करने वाले माफिया को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है ताकि उन पर भी कार्रवाई की जा सके। इसके लिए सभी नगरीय निकाय के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए कहा गया है। साथ ही उपायुक्त सहकारिता से ऐसे व्यक्तियों की सूची मांगी गई है जो कि ऋण लेने के बाद नियत समय पर उसे लौटाते नहीं हैं।
एंटी माफिया सेल ऐसे शिक्षा माफिया को भी सूचीबद्ध कर रहा है जो कि छात्रों से पैसा लेकर उन्हें पास करातेे हैं या फिर एडमिशन के नाम पर पैसा लेते हैं। इसके अलावा ऐसे कोचिंगों को चिह्नित किया जा रहा है जो बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रही हैं। जिला शिक्षा अधिकारी हरभवन सिंह तोमर ने कोचिंग संचालकों से रजिस्ट्रेशन, आय कर, जीएसटी सहित सभी औपचारिकताएं एक सप्ताह में पूर्ण करने के लिए कहा है।
एंटी माफिया सेल बिना रजिस्ट्रेशन और परमिट के दौडने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई करेगा। इसके लिए जिला परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार को ऐसे बस, टैक्सी संचालकों की सूची तैयार करने के लिए कहा गया है। साथ ही इनके बीच अक्सर विवाद पैदा करने वाले व्यक्तियों को भी चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। सूची बनते ही नियम तोडने वालों पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
भिण्ड कलेक्टर छोटे सिंह ने आज यहां बताया कि माफियाओं की सूची बनाने के लिए प्रत्येक विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। माफियाओं की सूची सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
