इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर संभाग के खण्डवा कोतवाली क्षेत्र के नर्मदापुरम कॉलोनी में 14 जुलाई को सल्फास खाकर महिला ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने कोतवाली के वाहन ड्राइवर संजय मौर्य निवासी वत्सला विहार कॉलोनी व सुनील राठौर निवासी ग्राम जसवाडी के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच के दौरान आरोपी संजय के खिलाफ मृतिका की गोद ली हुई बेटी (14वर्ष) ने भी शारीरिक शोषण के आरोप लगाए। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धारा 376 व पाक्सो के तहत भी केस दर्ज किया। आरोपी सुनील को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं आरोपी संजय की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका भी स्थानीय न्यायालय ने खारिज कर दी है।
मर्ग क्रमांक 70/19 धारा 174 जा.फौ. की डायरी अनुसार 13 जुलाई 19 की रात 8 से 10 बजे के बीच 31 वर्षीय महिला को नर्मदापुरम स्थित घर में कीटनाशक पीने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती किया। 14 जुलाई की सुबह एमवाय इंदौर रैफर कर दिया। उपचार के दौरान 20 जुलाई को महिला की मौत हो गई। 15 अगस्त 19 को इंदौर पुलिस ने कोतवाली खंडवा में डायरी भेजी। इस आधार पर एएसआई रमेश मोरे ने जांच शुरू की। इस दौरान मामले की चश्मदीद मृतिका की गोद ली हुई 14 साल की बेटी, पति, बहन, मां, भाई, मृतिका के बच्चे 9 व 13 साल व अन्य साक्षियों के बयान लिए गए।
जांच के दौरान बालिका ने बताया कि घटना के समय प्रधान आरक्षक संजय मौर्य ने पीछे वाले कमरे का दरवाजा लगा लिया था। कुछ समय बाद कमरे के अंदर से चांटा मारने की आवाज आ रही थी। हमने खोलने के लिए ठोका तो संजय ने गालियां देते हुए चुप खडी रह करके धमकाया। कुछ ही समय में महिला को बेहोशी की हालत में हाथों में लेकर संजय बाहर निकला और बोला दवाई छिडक ली है। पडोसी की कार लाने को बोला। उसी समय मृतिका के पति भी बाजार से बच्चों के साथ आ गए। हम तीनों अस्पताल लेकर गए।
बालिका को महिला ने बताया कि संजय द्वारा मेरे साथ गलत किया गया। इस कारण मैंने दवा पी ली है। बालिका ने बताया कि 14 जुलाई को मुझे घर छोडने के दौरान संजय ने कमरे में उपस्थित साक्ष्य दवाई, दीवार पर लगे दवाई के छींटे, टूटी चूडी व अन्य साक्ष्य पोंछा लगवाकर साफ कर दिया। पलंग पर पडी अंडरवियर संजय ने पेंट की जेब में रखना तथा बेड शीट को धुलवा देना बताया।
मृतिका के मोबाइल की रिकार्डिंग भी डिलीट कर दी। मृतिका को संजय गालियां देता था। मारपीट करता था। बालिका के अनुसार आरोपी उसे भी थप्पड मारता व धमकी देता था। संजय ने बालिका का कई बार शारीरिक शोषण किया व उसके पिता को उठवा लेने की धमकी दी। महिला के मौत के दो दिन पहले जसवाडी का सुनील राठौर भी घर आया और रात रुका था। मृतिका के पति ने बताया कि संजय ने अस्पताल में मरणासन्न बयान भी नहीं करवाने दिया। पुलिस के पूछने पर पारिवारिक टेंशन में दवाई पीना बताया और घर की साफ-सफाई करवा दी।
मृतिका के बच्चों ने बताया कि जब पापा घर पर नहीं रहते थे तब संजय अंकल घर पर आकर मम्मी के साथ रुकते थे। अकेले में मिलते थे। मृतिका की सहेली ने बताया कि दो साल पहले जब रामनगर में रहते थे तब भी संजय ने मृतिका के साथ मारपीट की थी। संजय को लेकर मृतिका परेशान रहती थी।
खण्डवा के सीएसपी ललित गठरे ने बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी को निलंबित कर मामले की जांच जा रही है।
