ग्वालियर। भिण्ड जिले के गोरमी तहसील की ग्राम पंचायत नुनाहड एवं दोनियापुरा के सचिव को जिला पंचायत भिण्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सीईओ प्रवीण सिंह ने यह कार्यवाही दोनों ग्राम पंचायतों में चल रहे मनरेगा के कार्यों का कल स्थल निरीक्षण करने के दौरान मौके पर मजदूरों की मौजूदगी ऑनलाइन दर्ज संख्या की तुलना में केवल 10 प्रतिशत ही पाए जाने पर फर्जी मस्टर के जरिए धनराशि निकाले जाने के चलते की है।
सीईओ जिला पंचायत प्रवीण सिंह ने आज यहां बताया कि ग्राम पंचायत नुनाहड एवं दोनियापुरा में मनरेगा योजना के तहत पशु शेंडों का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें ऑनलाइन मजदूरों की संख्या लगभग 200 से 300 तक दर्ज बताई गई है, जबकि कल उनके द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में बहां मात्र लगभग 20 मजदूर ही पाए गए। ग्राम पंचायत द्वारा मजदूरों के बडी संख्या में फर्जी मस्टर तैयार कर धनराशि का आहरण किया जा रहा है। इस संबंध में प्रथम दृष्टया दोषी ग्राम पंचायत नुनाहड के सचिव राजेशसिंह और दोनियापुरा के सचिव राजकुमार शर्मा को निलंबित किया गया है।
सीईओ प्रवीण सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायतें सरकार की कल्याणकारी, जनहितैषी योजनाओं का ईमानदारी से तथा पारदर्शिता के साथ क्रियान्वयन करें। मनरेगा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें स्थानीय श्रमिकों को आवश्यक रुप से रोजगार दिया जाए। फर्जी मस्टर तैयार कर शासन की धनराशि हडपने वाली ग्राम पंचायतों के खिलाफ कडी बैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
