भोपाल। विधानसभा में दंड संशोधन विधेयक के मत विभाजन में कांग्रेस सरकार के पक्ष में वोट करने वाले भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने साफ कर दिया कि भाजपा में अब उनकी वापसी का सवाल ही नहीं है। त्रिपाठी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि वे शिवराज सिंह चौहान की कार्यशैली से नाराज है। उनके अलावा और भी विधायक हैं जो चौहान की कार्यशैली से नाराज हैं। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि कई विधायक शिवराज से नाराज हैं। और वह भाजपा छोडने को तैयार है। विधायक नारायण त्रिपाठी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के खासमखास माने जाते है।

भाजपा में वापसी को लेकर त्रिपाठी ने साफ कहा कि इसका अब सवाल ही नहीं उठता है। त्रिपाठी ने कहा कि मैहर के विकास के लिए कमलनाथ सरकार के साथ में हूं। मैहर के लिए जो करना पडे करूंगा। उन्होंने कहा कि अपनी पीडा को लेकर भाजपा के हर फोरम पर बात रखी मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई है। इसलिए मजबूरन ये कदम उठाना पडा।

भाजपा पदाधिकारियों के अलावा संघ ने भी सक्रियता दिखाई। संघ ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा की। मत विभाजन के तत्काल बाद रात को ही संघ पदाधिकारियों ने शिवराज सिंह चौहान को संघ कार्यालय बुला लिया था। संघ पदाधिकारियों ने विधायकों की एकजुटता पर जोर दिया है। साथ ही कांग्रेस से भाजपा में शामिल होकर चुनाव लडे और जीते विधायकों की जानकारी भी संघ ने संगठन से तलब किया है। इसके अलावा विधायकों को तोड-फोड को कैसे रोका जाए, इसकी जानकारी भी संगठन से मांगी है।

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