ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले की पुलिस में आपसी तालमेल नहीं होने से कानून व्यवस्था की स्थिति दिनों दिन बिगडती जा रही है। भिण्ड जिले के में अवैध शराब पकड़ने को लेकर भिण्ड जिले के मिहोना टीआई अमर सिंह सिकरवार और रौन टीआई मनोज राजपूत के बीच 14 अक्टूवर की रात हाथापाई हो गई। विवाद यहां तक बढा कि रौन टीआई राजपूत मिहोना टीआई की गाडी में 10 किमी तक लटके रहे और मिहोना टीआई वाहन को दौडाते रहे। यह मामला जब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो कल रात भिण्ड पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने रौन थाना और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद देर रात रौन टीआई मनोज राजपूत को अभद्रता करने के चलते लाइन अटैच कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक 14 अक्टूवर की रात लहार के एक शराब ठेकेदार ने रौन टीआई मनोज राजपूत को सूचना दी कि एक लाल रंग की कार में अवैध शराब ले जाई जा रही है। इस सूचना के बाद रौन टीआई राजपूत ने दो सिपाहियों को गाड़ी पकड़ने के लिए लगाया लेकिन वे गाड़ी नहीं रोक सके। इसके बाद यह सूचना मिहोना थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को दी गई। रात 11.30 बजे रौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत नौधा रोड पर पुलिस ने कार को पकड लिया। कार में 25 पेटी अवैध शराब थी, लेकिन दो आरोपी मौके से भाग गए। हालांकि रौन और मिहोना दोनों थानों की पुलिस का दावा है कि कार उन्होंने पकडी। जिस जगह कार पकडी गई, वहां मिहोना थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार पहुंच गए और शराब को अपनी गाडी में रख लिया। रौन थाना प्रभारी भी कुछ देर बाद मौके पर पहुंच गए और कहा कि यह जगह रौन थाने की सीमा में है, इसलिए शराब उन्हें सौंप दें, लेकिन बताया गया है कि मिहोना थाना प्रभारी सिकरवार ने उन्हें शराब देने से इनकार कर दिया और कहा- किसमें दम है जो मेरी गाडी से शराब उतार ले। इस पर सिकरवार और राजपूत के बीच हाथापाई भी हुई। इसी बीच मिहोना टीआई सिकरवार अपनी गाडी लेकर जाने लगे तो रौन टीआई राजपूत गाडी में लटक गए, लेकिन सिकरवार ने गाडी नहीं रोकी। रौन टीआई राजपूत 10 किमी दूर मिहोना थाने तक मिहोना टीआई की गाडी में लटके हुए गए। इसी मामले में कल रात एसपी रुडोल्फ अल्वारेस ने रौन थाना और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद देर रात रौन टीआई मनोज राजपूत को लाइन अटैच कर दिया गया।
मनोज राजपूत मिहोना टीआई थे, तब इन्होंने अमर सिंह सिकरवार के लिए बंगला खाली नहीं किया था। बाद में जब वे रौन टीआई बने तो अमर सिंह सिकरवार ने उनके लिए बंगला खाली नहीं किया। इस बात को लेकर इन दोनों में पहले से अनबन चल रही थी। यह मामला एसपी अल्वारेस के पास भी पहुंच चुका है।
पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने आज यहां बताया कि थाना प्रभारियों में आपसी तालमेल जरुरी है। इस तरह की लडाई अनुशासनहीनता में आती है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्तव्य में लापरवाही व अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
