ग्वालियर। भिण्ड जिले के लहार, मौ, अटेर क्षेत्र के करीबन आधा सैकडा गांवों में कल शाम को हुई ओलावृष्टि से खेतों में कटने के लिए खडी गेंहू, चना, सरसों की फसल काफी हद तक बर्वाद हो गई है। लहार के अजनार, नानपुरा, झिरी, बडोखरी, केशवगढ, रुहानी, सींगपुरा,टोहर, पर्रायच, मटियावली, लिलवारी, लगदुआ, छिदी, सिजाई पुरा, रुरी, सुन्दरपुरा, लपवाहा, ररी, काथा, हसनपुरा, अचलपुरा, गांव में बरसात के साथ ओलावृष्टि हुई है। जिसमें किसानों की ज्यादातर फसल बर्वाद हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवे लहार विधायक डॉं. गोविन्द सिंह ने कहा है कि उनकी विधानसभा में 30 से अधिक गांवों में ओलावृष्टि हुई है। कई गांवों में तो फसल पूरी तरह बर्वाद हो चुकी है। कई गांवों में 100 ग्राम से अधिक वजन के ओले गिरने से किसान तबाह हो गए है। उन्होंने जिला प्रशासन से फसल नुकसान का सही आकलन कर सरकार मुआवजा का शीघ्र वितरण कराए तथा किसानों से सभी तरह की बसूली पर रोक लगाए।
मौ क्षेत्र के गुहीसर, नसरौल, मखूरी, अमायन, मेहरा, मडैयन, अडोखर, सींगपुरा। गोरमी के सुकाण्ड, रामनगर, खिल्ली, गुलियापुरा, औतारसिंह का पुरा, चन्दन सिंह का पुरा, तिवरिया का पुरा, जीवाराम का पुरा, रामखी में 50 से 80 प्रतिशत गेंहू की फसल को नुकसान हुआ है। अटेर विकास खण्ड के चौम्हों, शुक्लपुरा, गोहद विकास खण्ड के दंदरौआ, चिरोल, जमदारा, हडपुरा, सौरा, जितरवई में ओलावृष्टि से चना, गेंहू, मटर, मसूर, सरसों की फसल को नुकसान हुआ है।
जिला कलेक्टर इलैया राजा टी ने ने आज यहां बताया कि ओलावृष्टि से किसानों की फसल को हुए नुकसान का आकलन के लिए राजस्व अमले को सर्वे के लिए क्षेत्र में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देश दिए गए है कि नुकसान के आकलन में किसी ने भी लापरवाही बरती तो उस पर कार्यवाही सुनिश्चत की जाएगी। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद किसानों को मुआवजा देने की कार्यवाही की जाएगी।
