शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी शहर से 28 किमी दूर झांसी-उदयपुर नेशनल हाईवे पर सिंध नदी के अमोला पुल पर सोमवार की देर रात्रि को रात तेज रफ्तार में जा रही एक कार अनियंत्रित होकर सिंध नदी में गिर गई। कार के सामने अचानक एक गाय आ गई थी, जिसे बचाने के फेर में कार अनियंत्रित हुई और साइड वाल की जगह रखे बड़े पत्थरों से टकराकर नदी में चली गई।
कार में पूना के फर्नीचर कारोबारी का परिवार सवार था। कार ड्राइवर चला रहा था। नदी में कार गिरी तो उसके गेट लॉक हो गए। इस पर फर्नीचर कारोबारी ने कार के पीछे का कांच फोड़ा और सबसे पहले खुद निकले। इसके बाद अपनी पत्नी, दो बेटों, एक बेटी और ड्राइवर को बाहर निकाला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। भीगने के कारण ठंड से बुरी तरह कांप रहे परिवार को दीपावली की रात एक हिंदू परिवार ने शरण दी और अपने घर पर आवभगत की। सोमवार की सुबह नदी में गिरी उनकी कार को निकाला गया। इसके बाद पूरा परिवार आगे के सफर पर रवाना हो गया।
जानकारी के अनुसार पूना के रहने वाले फर्नीचर कारोबारी अकील मोहम्मद खां (46) पुत्र सगर मोहम्मद खान रविवार-सोमवार की रात अपनी कार क्रमांक एमएच 12 पीजेड 8621 से पूना से गोंडा (उत्तरप्रदेश) के लिए जा रहे थे। कार ड्राइवर रफीकउल्ला (46) पुत्र समीर खान चला रहा था। कार में अकील मोहम्मद की पत्नी अफसाना (35), बेटा हाफिज (11) व हुसैन (12), बेटी करीम (14) भी सवार थे।
रात 12.30 बजे शिवपुरी शहर से 28 किमी दूर झांसी-उदयपुर नेशनल हाईवे पर सिंध नदी के अमोला पुल पर अचानक कार के सामने एक गाय आ गई। अचानक गाय को सामने देखकर ड्राइवर रफीकउल्ला ने उसे बचाने का प्रयास किया तो तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई और पुल के किनारे (साइड वाल की जगह) रखे खंडों से टकराकर सिंध नदी में गिर गई। नदी में कार गिरने से उसके गेट लॉक हो गए। इसके बाद अकील मोहम्मद ने कार के पीछे का तार तोड़ा और सबसे पहले वे खुद बाहर निकले, फिर पूरे परिवार को बाहर निकाला।
जब पूरा परिवार सुरक्षित बाहर आ गया, तब 100 डायल कर पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब अकील और पूरा परिवार पानी से भीग जाने की वजह से बुरी तरह कांप रहा था। पुल के पास ही रहने वाले राजू मिश्रा का परिवार दीपावली होने के कारण जाग रहा था। राजू मिश्रा ने नदी से चीख-पुकार सुनी तो वे वहां पहुंच गए और ठंड से कांप रहे पूरे परिवार को अपने घर ले गए। इसके बाद सोमवार की सुबह पूरा परिवार गोंडा के लिए रवाना हो गया।
मुस्लिम परिवार को अपने घर पर शरण देने वाले राजू मिश्रा ने बताया कि फर्नीचर कारोबारी अकील मोहम्मद खां रात में ब्यावरा में ही रुक रहे थे, लेकिन रात में ही चाची के इंतकाल की खबर उन्हें मोबाइल पर मिली तो वे ब्यावरा में नहीं रुके और रात में ही घर पहुंचने की जल्दी में सफर जारी रखा। अमोला पुल की सडक के किनारे सिर्फ पत्थर बिछा दिए गए हैं। वहां न कोई स्टॉपर है न कोई संकेतक। इसके चलते अकील मोहम्मद की कार पत्थरों से टकराकर सीधे नदी में गिर गई। यदि पुल के किनारे साइड वाल बनी होती तो शायद यह हादसा नहीं होता।
जैसे ही कार नदी में गिरी तो महिला और बच्चों की चीखें सुनाई दीं, लेकिन परिवार का मुखिया होशियार था। उसने हादसे के बाद भी मानसिक संतुलन नहीं खोया और अंदर से पीछे की खिड़की वाला कांच तोड़ने का प्रयास शुरू कर दिया। जैसे ही कांच टूटा, सबसे पहले वे खुद बाहर आए। फिर अपने बच्चों को बाहर निकाला। इसके बाद पत्नी और ड्राइवर को भी बाहर निकाल लिया। पूरा परिवार निकलते ही कार सिंध नदी में डूब गई। रात करीब 1.30 बजे यह परिवार ठिठुरता हुआ रोते-रोते नदी से बाहर आया।
