भोपाल ! मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मुख्यमंत्रित्व के दस वर्ष पूरे होने पर मनाये जाने वाले विकास का दशक समारोह को स्थगित कर दिया है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों पर आये संकट को देखते हुए यह संवेदनशील निर्णय लिया है। श्री चौहान ने इस आशय की घोषणा छिन्दवाड़ा जिले में अंत्योदय मेला में की।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री चौहान किसानों के मुद्दों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे हैं। प्रदेश में खेती को ज्यादा से ज्यादा लाभदायी बनाने के लिये श्री चौहान ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। किसानों पर आये संकट में राहत देने के संबंध में भी मध्यप्रदेश सबसे आगे है। पिछले एक दशक में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाली क्षति पर किसानों को दी जाने वाली राहत राशि में दो से लेकर दस गुना तक की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही पाला को प्राकृतिक आपदा में शामिल किया गया है। साथ ही सभी प्रकार की राहत राशि मिलाकर अब तक किसानों को 12 हजार करोड़ रूपए की राहत दी गई है। किसानों को फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ देने में भी मध्यप्रदेश सबसे देश में सबसे आगे है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार खेती के लिये न्यूनतम दस घंटे बिजली दी जा रही है। सिंचाई का रकबा भी बढ़ाकर 7.5 लाख से बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने वर्तमान खरीफ फसल क्षति से प्रभावित किसानों को भी तत्काल अधिकतम सहायता और सुविधाएँ युद्ध स्तर पर कार्रवाई कर देने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने तत्परता दिखाते हुए सूखे से प्रभावित सभी किसानों को राहत राशि देने के निर्देश दिये हैं। फसल बीमा की राशि किसानों को शीघ्र उपलब्ध करवाने को कहा है। उल्लेखनीय है कि कृषि बीमा विशेषज्ञों से सलाह लेकर प्रदेश की नई फसल बीमा योजना का मसौदा तैयार किया जा रहा है ताकि किसानों को एक निश्चित आय हो सके और फसल नुकसान का उन पर प्रभाव नहीं पडे। खरीफ की फसल बीमा की 515 करोड़ की राशि करीब सवा चार लाख किसानों को जल्दी ही मिलेगी। मुख्यमंत्री ने 20 अक्टूबर तक फसल नुकसान का सर्वे पूरा करने को भी कहा है। जरूरतमंद किसानों को उदारतापूर्वक मदद करने और फसल बीमा योजना ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिये मैदानी अमले को निर्देश दिये गये हैं। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रभावित किसानों को राहत देते हुए उनके फसल ऋण वसूली स्थगित कर दी है। साथ नहीं मनाएंगे 10 साल… ही उन्हें रबी की फसल के लिए फसल ऋण दिलाने की पहल की है ताकि रबी की फसल से उन्हें कुछ राहत मिले। राहत कार्य शुरू कर दिये गये हैं। श्री चौहान ने किसानों को लाभ देने के लिये जिन गांवों में किसानों की फसलें 33 से 50 प्रतिशत तक खराब हुई हैं उनके अल्पकालीन फसल ऋणों को दो साल के लिए मध्यकालीन ऋण में तथा जिन किसानों की फसलें 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावित हुई हैं उनके अल्पकालीन फसल ऋणों को तीन वर्ष के लिये मध्यकालीन ऋण में बदल दिया है। साथ ही मध्यकालीन अवधि में बदले गये ऋण पर लगने वाले ब्याज की अदायगी भी सरकार की ओर से करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री श्री चौहान की पहल पर रबी 2014-15 की फसल बीमा की करीब 300 करोड़ रूपए की राशि किसानों को बाँटने का काम शुरू हो गया है।
