राजधानी में लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक की है। रायसेन जिले की नगर परिषद उदयपुरा के उपयंत्री दीपांशु पटेरिया को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपित अधिकारी ठेकेदार से निर्माण कार्य के सिक्योरिटी डिपॉजिट और अनुभव प्रमाण-पत्र के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा था। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, नवीन बिल्डकाम फर्म के संचालक जयंत चतुर्वेदी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने उदयपुरा में बस स्टैंड और मुख्य मार्ग पर सीसी रोड का निर्माण कार्य किया था। कार्य पूरा होने के बाद उनकी सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि वापस करने और अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने की एवज में उपयंत्री दीपांशु पटेरिया और सहायक ग्रेड-2 शंकर साहू ने 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर पर बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी से की। मामले का सत्यापन होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही उपयंत्री दीपांशु पटेरिया भोपाल के 6 नंबर हॉकर्स कॉर्नर (संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के पास) रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये लेने पहुंचा, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी उपयंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, इस मामले में सह-आरोपी शंकर साहू की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई को डीएसपी अजय मिश्रा, वीरेंद्र सिंह और निरीक्षक रजनी तिवारी की टीम ने अंजाम दिया। लोकायुक्त की इस अचानक कार्रवाई से नगरीय प्रशासन विभाग में हड़कंप मच गया है।
