ग्वालियर। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय की देश के सबसे गंदे 10 शहरों की सूची में शामिल मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले की जिला पंचायत ने अब इस कलंक को मिटाने के लिए कमर कस ली है। भिण्ड जिले की जिला पंचायत ने अगले 30 दिनों के भीतर 13 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच जाने से मुक्ति दिलाने की योजना जिला पंचायत ने तैयार की हैं योजना को अमली जामा पहनाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित कर दी गई है। सब-इंजीनियर्स तथा प्रोजेक्ट अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया हैं वहीं मार्च में इन गांवों में स्वच्छता उत्सवों का भी आयोजन किया जाएगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण सिंह ने चुनिंदा 13 पंचायतों के सरपंच, सचिवों, सब-इंजीनियर्स तथा प्रोजेक्ट अधिकारी (पीसीओ) की बैठक लेकर फरवरी के अंत तक सभी परिवारों में शौचालयों का निर्माण कराने का टारगेट दिया है।
प्रधानमंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बाद भी भिण्ड जिले के समग्र स्वच्छता अभियान की सेहत ठीक नहीं है। गांव की 80 फीसदी से अधिक की आबादी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर है। शत-प्रतिशत शौचालयों का निर्माण कराने के लिए सब इंजीनियर्स तथा प्रोजेक्ट अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा मॉनिटरिंग का दायित्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा ब्लॉक समन्वयकों को सौंपा गया है। शौचालय निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद मार्च के प्रथम सप्ताह में खुले में शौच से मुक्ति कराई गई पंचायतों में स्वच्छता उत्सव भी मनाया जाएगा। इसके बाद अन्य पंचायतों में भी इसी प्रकार का अभियान चलाने का निर्णय लिया जाएगा। शौचालयों का निर्माण हो जाने के बाद खुले में शौच जाने वालों की निगरानी की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन चिन्हित गांवों में 120 से कम शौचालयों का निर्माण कराया जाना है वहां पर फरवरी के अंत तक शौचालयों का निर्माण करा लिया जाए। जिन गांवों में 120 से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया जाना है वहां पर टारगेट पूरा करने का समय मार्च में प्रथम सप्ताह तक का है। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कडी कार्यवाही भी की जाएगी।
शासन के नियमानुसार पात्रता रखने वाले ग्रामीणों को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार की राशि 10 दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी। यह राशि सीधे हितग्राही को ही दी जाएगी। इसके अलावा पंचायत को भी दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। 10 बीघा से अधिक जमीन रखने वाले किसानों अथवा पात्रता की श्रेणी में न आने वाले ग्रामीणों को भी अनिवार्य रुप से अपने-अपने घरों में शौचालयों का अनिवार्य रुप से निर्माण कराना होगा।
जिला पंचायत समग्र स्वच्छता परियोजना अधिकारी राकेश कुमार खरे ने बताया कि भिण्ड जिले की 13 ग्राम पंचायतों को 30 दिन के भीतर खुले में शौच से मुक्ति दिलाने की योजना जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा तैयार की गई है। इन गांवों में शौचालय बनाने तथा उपयोग शुरु हो जाने के बाद स्वच्छता उत्सवों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके बाद अन्य पंचायतों में भी इसी प्रकार स्वच्छता अभियान से जोडा जाएगा। 13 ग्राम पंचायतों में 1233 शौचालयों का निर्माण होना है।
