भोपाल ! मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार को हुए तेंदूपत्ता संग्राहकों तथा वन समितियों के सदस्यों के राज्यस्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जमकर सौगातों की बरसात की। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण दर में प्रति बोरा 300 रुपये का इजाफा करते हुए इस 950 रुपये प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर रुपये 1250 प्रति मानक बोरा करने की घोषणा की। इस मौके पर चौहान ने कहा कि भोपाल में वन अकादमी की स्थापना की जाएगी। इसमें वनकर्मियों, संयुक्त वन प्रबंधन और लघु वनोपज प्राथमिक सहकारी समितियों, बांस शिल्पकारों एवं कृषकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषकों के माध्यम से वृक्ष एवं बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य की कृषि वानिकी नीति इसी वर्ष घोषित की जाएगी।
चौहान ने वन समितियों से वनों की रक्षा करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्राथमिक लघु-वनोपज सहकारी समितियों के प्रबंधकों का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 6000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ पहुंचाने के लिए दुर्घटना में मृत्यु होने पर सहायता राशि 25 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी जाएगी। इसमें से एक लाख सरकार की ओर से और एक लाख रुपये बीमा कंपनी की ओर से दिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्ण अपंगता की स्थिति में अब एक लाख रुपये मिलेंगे। संग्राहक की सामान्य मृत्यु की स्थिति में 25 हजार की सहायता राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य-जीवों द्वारा किसानों की फसल हानि को प्राकृतिक आपदा से हुई हानि की श्रेणी से अलग कर उसका मुआवजा राजस्व के स्थान पर अब वन विभाग द्वारा दिया जाएगा। वन्य जीवों से होने वाली जनहानि की क्षतिपूर्ति राशि डेढ़ लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपये की जाएगी। वन्य-जीवों द्वारा पालतू पशु को घायल करने पर भी मुआवजा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसी भी स्रोत से पौधे प्राप्त कर लगाने पर कृषकों को प्रोत्साहन राशि मिलेगी। अभी तक केवल वन विभाग की शासकीय रोपणी से पौधा खरीद कर लगाने पर ही प्रोत्साहन राशि दी जाती थी।
इस आयोजन में वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव, कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन सांसद एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान भी मौजूद थे।
