मुरैना। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग के मुरैना के तेल व्यापारियों ने कानून के दायरे में रह कर व्यापार करने की कसम खाई है । सरसों के तेल में ब्लेंडिंग की आड में अखाद्य तेलों की मिलाबट और 910 मि ली की जगह केवल 800 मि ली की बोतल भरने में लगे तेल के उत्पादक और पैकर दोनों ही आज मिलर्स पैकर्स एसोसिएशन के बैनर तले अग्रवाल सेवा सदन में इकट्ठे हुए वहीं उन्होंने यह शपथ ली ।
पिछले कुछ दिनों से सिंथेटिक दूध और पनीर के खिलाफ चल रहे अभियान में कलेक्टर ने कुछ सरसों के तेल उत्पादकों के यहां भी छापा मारी कराई थी जिसमें पवन आइल जैसे लोग पकड में आए जो तेल में मिलाबट को छिपाने के लिए सरसों के तेल जैसी खुशबू का एसेंस मिला कर उस जहर को बेचने में लगे थे। प्रशासन का रुझान अपने खिलाफ होता देख कर तेल कारोवारियों की गुहार पर के एस आइल्स के रमेश गर्ग की पहल पर कई साल से बन्द पडी मिलर्स एसोसिएशन को फिर से जिंदा किया गया इसके नाम में पैकर्स और जुडा क्योकि मुरैना में कई फर्म तेल के लिए सरसों की खरीद और पिराई नही करते है बल्कि बाजार से खरीद कर उसे अपने ब्रांडों में भरने का ही व्यापार करते हैं इससे एसोसिएशन में उनका प्रतिनिधत्व भी आ गया।
आज पत्रकारों के सामने यह खुलासा करते हुए रमेश गर्ग ने कई तथ्यों की जानकारी पत्रकारों को दी उनके अनुसार मिलर्स एसोसिएशन गलत व्यापार में लगे तेल कारोवारियों को उनके गलत कामों में कोई संरक्षण नही देगी । बल्कि एसोसिएशन ने गलत कामों में लगे तेल कारोवारियों को जल्दी से जल्दी अपने गोरखधंधों को बंद करके सही और कानूनी व्यापार करने की चेतावनी दी है इसके बाबजूद भी कोई अगर मिलाबट या कम तौल की पेकिंग करेगा तो एसो खुद प्रशासन से कह कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराएगा।
रमेश गर्ग ने अपने तेली साथियों के बचाव में कई उदाहरण दिये सबसे पहले उन्होंने कहा कि तेल बनाने में लगे ज्यादातर व्यापारियों में से बहुत से कम पढे लिखे हैं जिन्हें नियमो का ज्ञान नही है । दूसरा यह कि खाने में तेल का औसत उपयोग साल में लगभग 16 किलो प्रति व्यक्ति का है जो बहुत कम मात्रा है फिर भी तेल में मिलाबट खराब बात है और इसे बंद होना चाहिए उनका कहना था कि एसो उनके संरक्षण में गलत प्रेक्टिस को संरक्षण नही देगी।
आज की शपथ तेली कितनी निभाएंगे और रमेश गर्ग के संरक्षण बाली मिलर्स और पैकर्स एसोसिएशन इन मिलाबट खोर कमतौला तेल कारोवारियों के खिलाफ खुद कठोर कार्रवाई कर पायेगी यह अगले कुछ महीनो में पता चलेगा ।
