ग्वालियर। अपने परिचित चाचा के खिलाफ बलात्कार की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाली लड़की को 3 साल जेल की सजा दी गई है। लड़की को जेल भेज दिया गया है। लड़की ने 2014 में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उसके अंकल ने लिफ्ट देने के बहाने उसका रेप किया। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत हुए बयान में लड़की अपने बयान से पलट गई थी।

अपर लोक अभियोजक धरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि ग्वालियर के इंदरगंज थाने में 25 मार्च 2014 को दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। उसने थाने में शिकायत की थी कि वह उत्तरप्रदेश के आगरा से ग्वालियर पेपर देने आई थी। गजराराजा स्कूल से पेपर देकर घर लौट रही थी। तभी रास्ते में उनके परिचित चाचा मिले। उससे कहा कि मैं भी उधर जा रहा हूं। वह उसके साथ बैठ गई। चाचा उसे अपनी फैक्ट्री में लाए और दुष्कर्म कर दिया।

पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर लिया था। जब पुलिस पीडिता को धारा 164 के तहत बयानों के लिए कोर्ट ले गई, तो लड़की घटना से मुकर गई। बयानों से मुकरने पर कोर्ट ने पीडिता के खिलाफ केस दर्ज किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां केस दर्ज करा दिया और पीडिता के खिलाफ परिवाद दायर किया।

कोर्ट ने पीडिता को तीन साल की सजा सुनाई गई थी। सजा के बाद कोर्ट ने युवती को जमानत पर रिहा कर दिया था। इस आदेश के खिलाफ अपर सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। अपर सत्र न्यायालय ने अपील को निरस्त कर दिया। युवती को तीन साल की सजा काटने के लिए जेल भेज दिया।

अपर लोक अभियोजक धरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि ये उन महिलाओं के लिए सबक है, जो केस दर्ज कराकर कोर्ट में मुकर रही हैं। जिस युवती को जेल भेजा है, वह अपने बयानों से पलट गई थी। इस वजह से कोर्ट ने मामले को संज्ञान लिया था।

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