मुंबई: भारतीय नौसेना ने स्कॉर्पीन श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी ‘करंज’ का आज जलावतरण किया। नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा की पत्नी रीना लांबा ने पनडुब्बी का जलावतरण किया। पनडुब्बी ‘करंज’ का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने किया है। इस अवसर पर एडमिरल लांबा ने कहा, ‘‘बेड़े में शामिल किए जाने से पहले एक वर्ष तक यह (पनडुब्बी) कड़े परीक्षणों से गुजरेगी।’’ एमडीएल कुल छह पनडुब्बियों का निर्माण करेगा। इन पनडुब्बियों का निर्माण फ्रांस की बड़ी जहाज निर्माता कंपनी नेवल ग्रुप के साथ मिलकर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले ही महीने स्कॉर्पीन श्रेणी की पहली पनडुब्बी कलवारी को नौसैनिक बेड़े में शामिल किया था।
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साथ ही करंज हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और अरब सागर के पास पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा सकता है। इसका निर्माण मझगांव डॉकयार्ड ने फ्रांस के सहयोग से किया हैं। बता दें कि दूसरी पनडुब्बी खंदेरी का अभी ट्रायल चल रहा है। ऐसी 6 पनडुब्बी मझगांव डॉकयार्ड में बनेगी जो 2020 तक नौसेना में शामिल हो जाएंगी।

पनडुब्बी ‘करंज’ की खासियत
-करंज टारपीडो और एंटी शिप मिसाइल से हमला करती है। रडार की पकड़ में नहीं आती। यह समंदर से जमीन पर और पानी के अंदर से सतह पर हमला करने में सक्षम है।

-यह 67.5 मीटर लंबी, 12.3 मीटर ऊंची और 1565 टन वजनी है। इस पनडुब्बी में ऑक्सीजन भी बनाया जा सकता है।

-आधुनिक तकनीक से बनी ये पनडुब्बी कम आवाज से दुश्मन के जहाज को चकमा देने में माहिर है।

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