ग्वालियर। मध्यप्रदेश के चंबल संभाग का भिण्ड एक ऐसा जिला है जहां पुलिस के सिपाही से लेकर अधिकारियों पर हमला करना, उनके हथियार छुडा लेना, बंधक बनाना आम बात है। भिण्ड में पुलिस पर गुण्डे बदमाश हावी है। यहां लोगों की जेब में कलम नहीं बल्कि अबैध हथियार मिल जाएगा। भिण्ड में कोई बारदात हो जाए तो मौके पर आरक्षक को भेज दिया जाता है अगर विवाद ज्यादा बढा तो थाना प्रभारी और घटना स्थल बेकावे हो जाए तो एसडीओपी पुलिस अधीक्षक तो तब जाते है जब मामला पूरी तरह शांत हो जाए। यही बात तो ये है कि यहां के पुलिस अधिकारियों तक में भय रहता है कि कहीं उन पर हमला न हो जाए। 12 सितम्बर को पुलिस पर हमला हुआ पुलिस पर हमले का वीडियो भी जारी हो गया। पुलिस के अधिकारी पिटे और पुलिस अधीक्षक ने नेताओ के दबाव में फूप थाने के थाना प्रभारी संजय सोनी और हमले में घायल हुए एसआई रोहित गुप्ता को लाइन अटैच कर दिया गया।
मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के इटावा रोड पर क्वारी पुल के नीचे गणेश प्रतिमा विर्सजन के दौरान भाजयुमो के जिला मंत्री रक्षपाल सिंह राजावत और पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) रोहित गुप्ता के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने फूप थाना प्रभारी संजय सोनी और एसआई गुप्ता को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं अब इस पूरे मामले की जांच भिण्ड के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) डीएस बैस को सौंप दी है। जबकि इस विवाद फूप पुलिस द्वारा आरोपी बनाए भाजयुमो जिला मंत्री रक्षपाल सिंह स्वास्थ्य गडबड होने की वजह से ग्वालियर रैफर हो गए हैं।
12 सितम्बर को नेशनल हाईवे-92 की भिण्ड इटावा रोड पर स्थित क्वारी नदी के पुल के नीचे गणेश प्रतिमा विर्सजन के दौरान नदी के घाट तक गाडी ले जाने को लेकर भाजयुमो मंत्री रक्षपाल सिंह का फूप थाना के पुलिस उपनिरीक्षक रोहित गुप्ता से विवाद हो गया था। इस विवाद में रोहित गुप्ता और रक्षपाल सिंह व उनके साथ के लोग भी जख्मी हो गए थे। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद फूप पुलिस ने रक्षपाल सिंह सहित पांच नामजद और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट का प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। साथ ही रक्षपाल सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां रक्षपाल का स्वास्थ्य गडबडाने के पश्चात उन्हें जिला अस्पताल के जेल वार्ड में शिफ्ट किया गया। साथ ही उनका पुनः मेडिकल कराया गया। बताया जा रहा है कि रात के समय उनका स्वास्थ्य खराब होने के बाद परिजन उन्हें ग्वालियर रैफर करा ले गए। जहां कल शाम उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। इधर पुलिस कप्तान रुडोल्फ अल्वारेस ने इस विवाद के मामले में प्राथमिक जांच भिण्ड सीएसपी डीएस बैस को सौंप दी है। साथ ही फूप थाना प्रभारी संजय सोनी व सब इंस्पेक्टर रोहित गुप्ता को लाइन अटैच कर दिया है।
भिण्ड पुलिस अधीक्षक रुडोल्फ अल्वारेस ने आज यहां बताया कि गणेश प्रतिमा विर्सजन के दौरान जो विवाद हुआ है उस मामले में प्राथमिक जांच के लिए भिण्ड सीएसपी डीएस बैस को निर्देश दिए है। साथ ही फूप थाने के प्रभारी संजय सोनी और सब इंस्पेक्टर रोहित गुप्ता को लाइन अटैच कर दिया है। आरोपी रक्षपाल भी ग्वालियर से डिस्चार्ज हो गए हैं।
