

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में गलत दवाई देने पर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्रा की बेटी की तबीयत खराब होने पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनका ड्राइवर गीता भवन स्थित एक मेडिकल स्टोर से दवाई लेकर गया था। मेडिकल संचालक ने बच्चों को दी जाने वाली दवाई की जगह बडों को दी जाने वाली दवाई दे दी। दवा खाने के बाद बच्ची की तबीयत और अधिक खराब हो गई।
इंदौर के पलासिया थाना टीआई अजीत सिंह बैस के अनुसार जिस मेडिकल स्टोर से एसएसपी की बच्ची के लिए दवाई मंगवाई गई थी, वहां से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। एक का नाम कमल मालवीय है, जिसके नाम पर मेडिकल का लायसेंस है। दूसरा व्यक्ति अंकित मुंदडा है, जो मेडिकल चला रहा था और अंकित ने ही दवाई दी थी।
पुलिस के अनुसार घटना दो दिन पहले की है, लेकिन शुक्रवार को बच्ची की तबीयत अधिक खराब होने के बाद कार्रवाई की गई। एसएसपी की बेटी के लिए गीता भवन स्थित सरोज मेडिकल स्टोर से दवाई मंगवाई गई थी। मेडिकल संचालक ने बच्ची के लिए बड़ों वाली दवाई दे दी थी। उसे पीने के बाद बेटी की तबीयत और खराब हुई और उसे लूज मोशन हो गए।
सरोज मेडिकल स्टोर से दवाई अंकित मुंदडा नामक युवक ने दी थी। अंकित ने मीडिया को बताया कि दो दिन पहले रात को एसएसपी मैडम के यहां से दवाई का पर्चा आया था, जिसमें क्रोमोफिन नामक दवाई भी लिखी थी। जल्दबाजी में उसने क्रोमोफिन के स्थान पर क्रोमोफिन प्लस दे दी। अंकित के अनुसार दुकान का लाइसेंस उसके अंकल कमल चंद मालवीय के नाम पर है। 2015 में सरोज मेडिकल प्रारंभ हुआ था, अंकित उससे पहले से इस फिल्ड में है। अंकित के अनुसार उसने फार्मा का कोई कोर्स भी किया है।
चूंकि मामला एसएसपी से जुडा हैं अतः खाद्य विभाग भी सक्रिय हो गया। ड्रग इंस्पेक्टर राजेश जिंदवाल ने मीडिया से कहा कि मामले में प्रिस्क्रिप्शन से हटकर दवाई दी गई है, इसलिए कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्ड में दुकान का रजिस्ट्रेशन तो है, लेकिन उसके संचालक के पास उचित डिग्री है अथवा नहीं इसकी जांच मेडिकल शॉप पर जाकर की जाएगी।
