भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, साइबर अपराधों पर नियंत्रण और महिला-बाल सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का पुलिस पर विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल ही में एटीएस द्वारा की गई कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आतंकवादियों के एक सहयोगी को पकड़कर उसके नेटवर्क का खुलासा किया है। साथ ही बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक और कट्टरपंथी साहित्य भी बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस बिल में छिपे ऐसे सपोलों को भी पकड़ने में समर्थ है और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में वर्षों से विकास में बाधा बने नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त करने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व का भी उल्लेख किया।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में साइबर अपराध, मानव तस्करी, सड़क दुर्घटनाएं और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा जैसी नई चुनौतियां सामने हैं। इनसे निपटने के लिए सरकार संसाधन बढ़ा रही है और पुलिस बल को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पुलिस भर्ती अभियान लगातार जारी है और सरकार का प्रयास है कि पुलिस विभाग में कोई पद रिक्त न रहे। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के इस महापर्व में मध्यप्रदेश पुलिस अपनी संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भाव से देश-दुनिया के सामने आदर्श व्यवस्था का उदाहरण पेश करेगी।