कर्नाटक में कांग्रेस-जनता दल सेकुलर (जेडीएस) गठबंधन की सरकार गिरने के बाद ऐसी चर्चा तेज हो गई है कि बीजेपी मध्य प्रदेश में भी कुछ उलटफेर कर सकती है. इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह कई बार बोल चुके हैं लेकिन बुधवार को इससे उलट वाकया हुआ. एक तरफ बीजेपी सरकार गिराने की बात कर रही है तो दूसरी ओर बुधवार को विधानसभा में एक बिल पर वोटिंग के दौरान बीजेपी के दो विधायकों ने कमलनाथ सरकार के समर्थन में वोट किया. इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मीडिया को दी. बीजेपी के दो विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल कांग्रेस के साथ आ गए हैं.

मध्य प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर हमारे नंबर 1 और नंबर 2 इशारा करें तो 24 घंटे में मध्य प्रदेश सरकार गिर सकती है. इसके उलट कमलनाथ ने एक बयान में कहा, ‘हर दिन बीजेपी कहती है हमारी सरकार अल्पमत में है जो किसी भी दिन गिर सकती है. आज विधानसभा में वोटिंग (आपराधिक कानून संशोधन) के दौरान बीजेपी को दो विधायकों ने हमारे समर्थन में मतदान किया.’

शिवराज सिंह ने सोमवार को कहा था कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अगर गिरती है तो इसमें बीजेपी का कोई रोल नहीं होगा क्योंकि उनकी आतंरिक कलह और फूट इसके लिए जिम्मेदार होगी. शिवराज सिंह ने कहा था कि कमलनाथ सरकार सपा और बसपा के सहारे चल रही है.

हालांकि दो दिन पहले इससे इतर मध्य प्रदेश में मंत्री जीतू पटवारी ने दावा ठोंकते हुए कहा था कि बीजेपी कमलनाथ को कुमारस्वामी न समझे क्योंकि यहां विधायकों की खरीद-फरोख्त करने के लिए उसे 7 जन्म लेने पड़ेंगे. उधर मध्यप्रदेश में बीएसपी विधायक संजीव सिंह ने कमलनाथ सरकार को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने विधायक संभाले, अन्यथा गड़बड़ हो सकती है.

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