ग्वालियर। मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा है कि राज्य में कमलनाथ सरकार आने के बाद से जहां अवैध खनन पर रोक लगी है वहीं भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में जो भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में ल्पित पाया जायेगा उसके विरूद्ध कडी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने इसी कडी में भ्रष्टाचार करने की शिकायत मिलने पर सहकारिता के एक संयुक्त आयुक्त अभय खरे सहित दो कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश सचिव सहकारिता को दिये हैं। डॉ. गोविंद सिंह ने यह भी कहा कि कमलनाथ सरकार शीघ्र ही एक समिति बनाकर सरकार कानून लायेगी। जिसमें जो अधिकारी एवं कर्मचारी मिलावट खोरी में सल्पित पाया जायेगा उसके खिलाफ भी कडी से कडी कार्रवाई की जायेगी।
मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने आज यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर अफवाह फैला रहे हैं कि सरकार चल नहीं रही है। कार्रवाई नहीं करती है, अधिकारी मनमानी कर रहे हैं, कोई एक्शन नहीं ले पा रहे हैं, जनता परेशान है। उन्होंने इन सब खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सरकार कडे कदम उठा रही है। रेत खनन के लिए भी संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से शासन के लोग निरंकुश हो गये थे। लगातार भ्रष्टाचार कर रहे थे। अब उन पर अंकुश लगा है तो वह परेशान हैं। उन्होंने सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त अभय खरे के बारे में बताया कि गुना की गढा सहकारी नागरिक बैंक के प्रबंधन ने उनसे शिकायत की थी कि उनके सारे दस्तावेज होने के बाद भी एनओसी लैटर संयुक्त पंजीयक नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने स्वयं फोन कर कहा । उसके बाद भी संयुक्त पंजीयक ने कार्य नहीं किया हां पचास हजार की जगह 25 हजार रूपये मांगे। इसकी जानकारी जब उन्हें कल लगी तो उन्होने तत्काल प्रभाव से संयुक्त आयुक्त तथा वहीं पर पदस्थ अंकेक्षण अधिकारी रवीन्द्र शर्मा और वरिष्ठ अधीक्षक राधेलाल जाटव को निलंबित किया जायेगा। डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि संयुक्त आयुक्त अभय खरे जबलपुर में भी कई शिकायतें थी वहीं मुरैना में भी इनके विरूद्ध कई शिकायतें मिली थी इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश आगरा के लोगों को नौकरी में रखने तक की शिकायतें मिली थी। यह प्रकरण लोकायुक्त जांच में भी लंबित हैं। डॉ. गोविंद सिंह ने बताया कि अवैध खनन तथा मिलावट खोरी के खिलाफ वह पहले भी विधानसभा में प्रश्न उठा कर लडाई लड़ते रहे हैं। इतना ही नहीं न्यायालय में याचिका भी उन्होंने लगाई थी। डॉ. गोविंद सिंह से यह पूछे जाने पर कि क्या कमलनाथ सरकार अस्थिर है के उत्तर में उन्होंने कहा कि कांग्रेसी लड़ झगड़ रहे हैं इसकी जानकारी मुझे भी मिली है लेकिन जो कहते थे सरकार 5 दिन में गिर जायेगी अब 9 माह हो गये है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार मजबूती के साथ अपना पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी। भाजपा के लोग प्रचारित कर रहे हैं कि सरकार गिर रही है। डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने एक लाख करोड का कर्जा लिया लेकिन राज्य में कहां लगाया वह दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी सुविधाएं ठप्प सी थीं अब उन्हें एक एक कर सुधारा जा रहा है। वहीं भाजपा शासन में प्रशासन नाम की चीज ही नहीं बची थी। ठेकेदारों तक से काम कराया लेकिन उन्हें पैसा नहीं दिया वह चक्कर लगा रहे हैं। डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने वचनपत्र में दिये अधिकतर वचन पूरे कर दिये हैं।
राज्य के वन मंत्री उमंग सिंघार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर कहे जाने और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा उनका बचाव किये जाने को लेकर पूछे प्रश्न के उत्तर में डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री सिंधिया का सरकार को लाने में योगदान रहा है। मंत्री उमंग सिंघार ने क्या कहा इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। रही बात सिंधिया से मेरे मिलने की तो मैं उनसे पहले भी मिलता रहा हूं मै किसी भी दबाब में नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष की दौड में उनका नाम होने के बारे में डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि वह किसी दौड में नहीं हैं। सहकारिता विभाग में घोटालों को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सहकारिता विभाग भ्रष्टाचारिता विभाग बन गया था। भाजपा ने इस सहकारी आंदोलन को चारागाह बना दिया था। सहकारी आंदोलन फिर खडा हो उनका प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में ग्रामीण विकास बैंक के लोगों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। अब सरकार उन्हें या तो सहकारिता विभाग में खाली पदों पर मर्ज करेगी या फिर उन्हें अन्य विभागों के खाली पदों पर नियुक्ति देगी। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एपेक्स बैंक के अध्यक्ष अशोक सिंह , वरिष्ठ कांग्रेस नेता वासुदेव शर्मा, ब्रजमोहन सिंह परिहार तथा भिण्ड के जिला पंचायत अध्यक्ष भी मौजूद थे।
