
जानकारों के मुताबिक जब्त किया गया एसेंस मानव शरीर के लिए काफी घातक है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से व्यक्ति की त्वचा पर झुर्रियां पड सकती हैं। साथ ही पाचन तंत्र पर भी इसका विपरीत असर पड सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान पवन ऑयल मिल से इसे जब्त किया था।
सरसों के तेल का रंग पीला होता है। इसी रंग का सोयाडिगम का तेल होता है। मिल संचालक सोयाडिगम व राइस ब्रान तेल को मिला लेते हैं। सरसों के तेल की खुशबू और झाग के लिए इसमें एलिल आईसोथायोसाइनेट मिलाते हैं। कोई भी व्यक्ति असली सरसों के तेल व नकली तेल में अंतर नहीं कर सकता।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई बार तेल मिलों पर कार्रवाई की है, लेकिन अभी तक फैक्टरियों में ऐसा घातक एसेंस नहीं मिला। हालांकि हर बार एसेंस से तेल बनाने की शिकायतें मिलती थीं। खाद्य सुरक्षा विभाग के मुताबिक टीम के पहुंचते ही मिल संचालक एसेंस को गायब कर देते थे।
फूड सेफ्टी अधिकारी अवनीश गुप्ता ने बताया कि छापे के बाद पवन ऑयल मिल को सील कर लायसेंस निरस्त करने का नोटिस दिया गया है। जप्त किए गए एसेंस को लैब में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जा जाएगी।
