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लोकायुक्त डीएसपी जेपी वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता प्रमोद कुमार नरेती ने शिकायत में बताया था कि उसके पिता सोनू नरेती को पिछले कुछ दिनों से पेट में तकलीफ थी। 13 सितंबर को जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. सुनील यादव से चेकअप कराया तो उन्होंने ऑपरेशन कराने के लिए कहा और इसके बदले 10 हजार रुपए भी देने के लिए कहा। आखिर में 6 हजार पर राजी हो गए।
प्रमोद कुमार ने बताया कि 13 सितंबर को उसने पिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने जब बताया कि पिता का ऑपरेशन होगा तो इसके बाद उसने जिला अस्पताल में ही आयुष्मान कार्ड बनवा लिया। यह कार्ड लेकर पहले तो डॉ. यादव से आयुष्मान योजना के तहत ऑपरेशन करने के लिए कहा लेकिन डॉ. यादव ने कहीं ओर से ऑपरेशन करा लेने के लिए कह दिया। प्रमोद का आरोप है कि कई और भी मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हैं जिनसे करीब-करीब इतनी ही राशि लेकर डॉ. यादव ने ऑपरेशन किए हैं लेकिन वे मजबूरी में नहीं बताते।
प्रमोद ने बताया कि लगातार उसके पिता की हालत बिगड रही थी। दूसरी ओर सर्जन डॉ. सुनील यादव रुपए की मांग पर अडे थे। उन्हें इस बात के लिए राजी किया कि ऑपरेशन होते ही वह 6 हजार रुपए दे देगा। 16 सितंबर को डॉ. यादव ने सोनू नरेती का जिला अस्पताल में ऑपरेशन किया और 17 सितंबर को ऑपरेशन के बदले 6 हजार रुपए लेकर अपनी क्लीनिक में प्रमोद को बुलाया, जहां डॉ. यादव को लोकायुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। डॉ. सुनील यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
