राजगढ। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ कह रहे है कि अपराध के मामले में मध्यप्रदेश को उत्तरप्रदेश नहीं बनने दिया जाएगा। उनका कहना भी सही है क्योंकि वह मध्यप्रदेश के मुखिया है उनकी जिम्मेदारी बनती है कि मध्यप्रदेश के नागरिक निर्भय होकर अपना जीवन व्यतीत कर सके। मध्यप्रदेश में महिलाओं, लडकियों स्कूल, कॉलेज की छात्राओं की स्थिति काफी दयनीय है। स्कूल-कॉलेज जाने वाली लडकियां काफी भयभीत है पता नहीं कब उनके साथ अनहोनी हो जाए।
हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिन्दा जलाकर मार डालने के बाद आरोपियों को उनकाउंटर में मार दिए जाने के बाद भी अपराधियों में जरा भी भय नहीं है। मध्यप्रदेश में भी ऐसी घटनाओं पर विराम नहीं लग रहा है।सीधी में महिला शिक्षिका के साथ सामूहिक दूष्कर्म की घटना, बालाघाट में नाबालिंग युवती के साथ दुष्कर्म, राजगढ जिले में 11 वर्षीय बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
राजगढ जिले के सुमाठिया थाना क्षेत्र के एक गांव की 11 वर्षीय बालिका सामूहिक दुष्कर्म के बाद इतनी दहशत में है कि उसने स्कूल जाना ही बंद कर दिया है। बदनामी के डर से बालिका के परिजनों ने पुलिस में घटना की रिपोर्ट नहीं की थी। सामूहिक दुष्कर्म के बाद भी बालिका जब कभी घर से कही जाती तब भी उसके साथ छेडछाड की जाती। शनिवार को बालिका के साथ फिर छेडछाड की गई। तब परिजनों ने थाने पहुंच कर आरोपियों के खिलाफ रिपोट्र दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी मुकेश लोधी व धर्मेन्द लोधी के खिलाफ अपराध कायम कर दोनों को पकड लिया है।
