मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के गरोठ थाना क्षेत्र स्थित कोटड़ा बुजुर्ग गांव में आइसक्रीम खाने के बाद एक दर्जन से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सभी बच्चों को इलाज के लिए मध्य प्रदेश सीमा से लगे राजस्थान के भवानीमंडी स्थित अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम बच्चों को अचानक उल्टी, दस्त और बेचैनी की शिकायत होने लगी। परिजनों ने बताया कि गांव में रोज आने वाले ठेले से बच्चों ने 10 रुपये वाली आइसक्रीम खरीदी थी। आइसक्रीम खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों की हालत खराब होने लगी।
ग्रामीण दान सिंह के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे आइसक्रीम विक्रेता गांव पहुंचा था। बच्चे रोज की तरह उससे आइसक्रीम खरीदकर खा रहे थे, लेकिन थोड़ी देर बाद कई बच्चों को घबराहट और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। परिजन पहले बच्चों को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उन्हें भवानीमंडी रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रभावित बच्चों की उम्र 7 से 12 साल के बीच है। फूड पॉइजनिंग की आशंका को देखते हुए बच्चों को भवानीमंडी के अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है। इनमें से दो बच्चों को आईसीयू में रखा गया था। फिलहाल अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन शिवम नामक एक बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उसे पिछले कुछ दिनों से बुखार भी था, इसलिए उसकी विशेष निगरानी की जा रही है।
गरोठ स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ डॉ. दरबार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आइसक्रीम से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आइसक्रीम में इस्तेमाल किया गया मावा संक्रमित हो सकता है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग अन्य पहलुओं की भी जांच कर रहा है।
फूड इंस्पेक्टर को आइसक्रीम के सैंपल जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचकर बच्चों की जांच कर रही है। कुछ बच्चों का इलाज गांव में ही किया गया, जबकि गंभीर हालत वाले बच्चों को अस्पताल भेजा गया। प्रशासन और पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
