बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रह चुकीं ममता कुलकर्णी, जो अब साध्वी बन चुकी हैं, हाल ही में अपने एक बयान को लेकर आजकल सुर्खियों में हैं। उन्होंने गोरखपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दाऊद इब्राहिम के बारे में कुछ ऐसा कहा, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर हंगामा मचा गया है। गोरखपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे दाऊद इब्राहिम के बारे में सवाल पूछा गया, तो ममता ने कहा “मेरा दाऊद से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। किसी एक का नाम जरूर था, लेकिन उसने कोई बम ब्लास्ट या देश विरोधी काम नहीं किया। मैं उसके साथ नहीं थी। दाऊद को मैंने कभी अपनी जिंदगी में नहीं देखा।” उनके इस बयान में यह भी इशारा था कि वह विक्की गोस्वामी की बात कर रही थीं, जिनका नाम कभी उनसे जोड़ा गया था।

 “दाऊद आतंकवादी नहीं था बयान से मचा बवाल
ममता कुलकर्णी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। लोगों ने कहा कि वह दाऊद इब्राहिम के समर्थन में बोल रही हैं। ममता ने कहा कि जिन लोगों से उनका नाम जोड़ा गया, उन्होंने मुंबई बम ब्लास्ट जैसा कोई काम नहीं किया था। उन्होंने साफ कहा  “दाऊद इब्राहिम ने बम ब्लास्ट नहीं कराया था।” उनका यह बयान वायरल हो गया और कई लोगों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

ममता कुलकर्णी की सफाई – मेरे बयान को गलत समझा गया
विवाद बढ़ने के बाद ममता कुलकर्णी ने खुद ही सफाई दी। उन्होंने कहा कि लोग उनके बयान को पूरी तरह से सुने और गलत अर्थ न निकालें। उनके शब्दों में “मेरा नाम कभी दाऊद से नहीं जुड़ा। कुछ समय के लिए विक्की गोस्वामी से जुड़ा जरूर था, लेकिन उसने कभी देश विरोधी कोई काम नहीं किया। लोग साधु-संतों का विवेक लगाकर बात को समझें।” उन्होंने यह सफाई गोरखपुर के पीपीगंज में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दी। इस कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी किन्नर भी मौजूद थीं।

अब धर्म की राह पर ममता कुलकर्णी
90 के दशक में फिल्मों में अपनी खूबसूरती और अभिनय से पहचान बनाने वाली ममता कुलकर्णी ने अब संन्यास ले लिया है। वह अब फिल्मों से दूर रहकर आध्यात्मिक जीवन जी रही हैं। अब लोग उन्हें महामंडलेश्वर यमाई ममता नंदगिरी के नाम से जानते हैं। वह देशभर में धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं और साधु-संतों के बीच सक्रिय हैं। ममता कुलकर्णी का यह बयान भले ही विवादों में आ गया हो, लेकिन उन्होंने साफ कहा है कि उनका दाऊद इब्राहिम या किसी भी आतंकवादी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। अब वह पूरी तरह से संन्यास और आध्यात्मिकता की राह पर हैं और चाहती हैं कि लोग उनके पुराने जीवन को पीछे छोड़कर उन्हें एक साध्वी के रूप में देखें।