कहते हैं, जीवन तब तक आसान लगता है जब तक किस्मत साथ देती रहती है। लेकिन जैसे ही हालात करवट लेते हैं, रिश्तों की सच्चाई भी सामने आने लगती है। चीन से सामने आई एक मार्मिक कहानी भी कुछ ऐसा ही एहसास कराती है। दरअसल एक ऐसे व्यक्ति की कहानी, जिसकी दुनिया सिर्फ इसलिए बिखर गई क्योंकि उसकी अच्छी नौकरी अचानक चली गई और उसके बाद उसकी पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया। यह घटना इंटरनेट पर खूब चर्चा में है और लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है। आइए ख़बर में विस्तार से जानते है…

ऊँचाई से गिरावट तक का सफर

43 साल के कियानकियान ने झेजियांग यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की थी। अपनी मेहनत और योग्यता के दम पर उन्हें हांगझोउ की एक प्रतिष्ठित सरकारी कंपनी में नौकरी मिली, जहाँ उनकी मासिक आय करीब 50,000 युआन थी। इस आमदनी के सहारे उनका जीवन व्यवस्थित, सुरक्षित और आरामदायक था। शहरों में यह सैलरी ऊँचे जीवनस्तर की पहचान मानी जाती है।

लेकिन लगभग पाँच साल पहले अचानक उन्हें बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से निकाल दिया गया। जैसे किसी ने उनके जीवन से स्थिरता का पहिया निकाल दिया हो। अच्छी सैलरी के आदी कियानकियान बेरोजगारी के लंबे दौर में फँस गए। ऐसे में बहुत कोशिशों के बावजूद नई नौकरी नहीं मिली। आख़िरकार मजबूर होकर उन्होंने फ़ूड डिलीवरी का काम शुरू किया, जहाँ महीने की कमाई मुश्किल से 10,000 युआन तक पहुँचती थी।

पत्नी ने भी मोड़ लिया मुँह

आर्थिक संकट के इस दौर का असर उनके रिश्ते पर गहरी चोट बनकर आया। उनकी पत्नी, जिनका पूरा जीवन शैली कियानकियान की आमदनी पर आधारित थी, धीरे-धीरे उनसे दूर होने लगीं। उन्होंने कभी नौकरी नहीं की थी, और रोजमर्रा के खर्च से लेकर लग्ज़री वस्तुओं तक सब कुछ पति की मेहनत पर निर्भर था। लेकिन जब आय घट गई, तो उन्होंने यह बदलाव स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अंत में कियानकियान की पत्नी से तलाक से दिया लिया।

कियानकियान बताते हैं कि इस मुश्किल दौर में उन्हें एहसास हुआ कि शायद पत्नी उनसे नहीं बल्कि उनकी पैसों से जुड़ी थीं। वे खुद स्वीकारते हैं कि वह भी शुरू में पत्नी के व्यक्तित्व से ज्यादा उनकी सुंदरता से आकर्षित हुए थे। दोनों की मुलाकात एक ऑनलाइन गेम के माध्यम से हुई थी और आकर्षण ने धीरे-धीरे शादी का रूप ले लिया। लेकिन यह रिश्ता भावनाओं से ज्यादा सुविधाओं पर टिका हुआ था, जो मुश्किल आने पर टूट गया।

शादी के बाद ज़िंदगी का बोझ

कियानकियान की पत्नी की खर्च करने की आदतें भी काफी चौंकाने वाली थीं। उनके पास महंगे डिज़ाइनर बैग, क़ीमती कपड़े और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की भरमार रहती थी। कई बार वह एक ही कपड़े के तीन-तीन रंग खरीद लेतीं। क्रीम, स्किन ट्रीटमेंट, फिटनेस सप्लीमेंट और कॉस्मेटिक सर्जरी ये सब उनकी दिनचर्या का हिस्सा थे। इन आवश्यकताओं को पूरा करने में कियानकियान पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था। यहाँ तक कि उन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा, ताकि पत्नी की बढ़ती माँगों को पूरा कर सकें। लेकिन तलाक के समय तक उनके पास लगभग कुछ भी नहीं बचा था। जो संपत्ति थी, वह खर्चों की आँधी में पहले ही उड़ चुकी थी।

नई शुरुआत- कम सामान, ज्यादा सुकून

तलाक और नौकरी खोने के बाद जीवन का यह नया अध्याय कियानकियान के लिए कठिन था। शुरुआत में उन्हें अकेलापन सताता था। लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने डिलीवरी की नौकरी को अपनी स्वतंत्रता की तरह देखना शुरू किया। अब भले कमाई कम है और जीवन सादा, लेकिन उनके भीतर एक अजीब-सी शांति है ऐसी शांति जो उन्हें पहले नहीं मिलती थी।

वह कहते हैं कि इस अनुभव ने उन्हें सिखाया कि रिश्ते सिर्फ बाहरी आकर्षण या आर्थिक स्थिरता के आधार पर नहीं बनाए जाने चाहिए। अगर दोनों लोग एक-दूसरे के प्रति ईमानदार होते, तो शायद कहानी कुछ और होती। आज वह कम साधनों के साथ लेकिन सुकून से जी रहे हैं। उनकी कहानी हमें यह याद दिलाती है कि पैसा जीवन को आसान बना सकता है, लेकिन रिश्तों की नींव सिर्फ इसी पर टिके तो एक झटके में सब बिखर सकता है।