उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्या मामले में जेल में बंद मुस्कान रस्तोगी एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार शाम मेडिकल कॉलेज में सामान्य प्रसव के बाद उसे और उसकी नवजात बेटी को छुट्टी देकर वापस मेरठ जेल भेज दिया गया। यहां दोनों को बैरक संख्या 12A में रखा गया है। जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने जानकारी दी कि मुस्कान और उसकी बच्ची दोनों स्वस्थ हैं और अभी जेल अधिकारियों की देखरेख में हैं। घटना के बाद से जेल परिसर में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है ताकि मां और बच्ची को किसी तरह की परेशानी न हो।

नवजात को देखने नहीं पहुंचा परिवार का कोई सदस्य

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बेटी के जन्म के बाद न तो मुस्कान का मायका पक्ष और न ही ससुराल पक्ष का कोई सदस्य अस्पताल या जेल में नवजात को देखने आया। जेल अधिकारियों के अनुसार, मुस्कान के लिए यह भावनात्मक रूप से कठिन समय है, क्योंकि बच्ची के जन्म जैसे महत्वपूर्ण मौके पर भी कोई परिजन उसके साथ नहीं था। जेल प्रशासन ने बताया कि बच्ची का नाम राधा रखा गया है और अभी उसकी सभी बुनियादी जरूरतों का ख्याल जेल का महिला कर्मी स्टाफ रख रहा है।

जेल अधिकारियों का कहना है कि कई बार ऐसे मामलों में परिवार सामाजिक और कानूनी दबावों के कारण दूरी बना लेते हैं, लेकिन यह स्थिति बेहद संवेदनशील है।

डीएनए परीक्षण पर अभी तक कोई फैसला नहीं

सौरभ राजपूत केस को लेकर लगातार डीएनए परीक्षण की चर्चा हो रही है, लेकिन जेल अधीक्षक के मुताबिक अभी तक किसी भी पक्ष—न परिवार से, न जांच एजेंसी से—डीएनए टेस्ट कराने की कोई लिखित मांग नहीं मिली है। इसी वजह से जेल प्रशासन ने डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार, नियमित चिकित्सा जांच के दौरान ही मुस्कान के गर्भवती होने का पता चला था। उस समय भी जेल प्रशासन ने गर्भावस्था से संबंधित सभी चिकित्सीय प्रक्रियाओं का पालन किया था। फिलहाल, डीएनए टेस्ट का फैसला उच्च अधिकारियों और कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

जेल में होगी बच्ची की देखभाल और टीकाकरण

जेल अधीक्षक ने बताया कि नवजात राधा का पूरा टीकाकरण जेल परिसर में ही कराया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम समय-समय पर जेल पहुंचकर आवश्यक टीके लगाएगी। जेल में महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से सुविधा और देखभाल की व्यवस्था की जाती है, जिसके तहत राधा को सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी।

जेल स्टाफ का कहना है कि मुस्कान फिलहाल मानसिक और भावनात्मक दोनों स्थितियों से गुजर रही है, लेकिन बच्ची के जन्म से उसकी मानसिक स्थिति में कुछ सकारात्मक बदलाव दिखाई दिए हैं। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि मुस्कान और बच्चे को आहार और स्वास्थ्य से जुड़ी कोई परेशानी न हो।