इंदौर। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर इंदौर प्रवास के दौरान जनसुनवाई के पहले सखी सेंटर पहुंची। आयोग द्वारा रेसीडेंसी एरिया में आयोजित की गई सुनवाई के दौरान 40 से ज्यादा प्रकरण रखे गए थे जिसमें से 6 ग्रामीण 36 शहरी क्षेत्र के थे। इनमें से 32 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है जिसमें से 4 लंबित बताए जा रहे हैं। आयोग आज कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले शोषण के लिए बनाई जाने वाली निगरानी समितियां की समीक्षा भी करेगा। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के कार्य की समीक्षा की पोर्टल पर दर्ज हो रहे प्रकरणों के साथ-साथ शेल्टर में रह रही महिलाओं के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान पीडि़त महिलाओं ने 5 दिन के शेल्टर के बाद स्वाधार ग्रह नहीं होने का मुद्दा भी उठा। अभी इंदौर को उज्जैन या खंडवा पर डिपेंड रहना पड़ता है 5 दिन के बाद महिलाओं को वर्किंग वूमेन हॉस्टल में जगह दी जा रही है। उन्होंने जनसुनवाई में 7 पीडि़तों के बुलाई गई महिलाओं की सुनवाई की और निराकरण भी तत्काल कराया। प्लीज मेक में को साफ हिदायत दी गई है कि वे महिलाओं की जांच करने में कोई कोताहि न बरते।

इंदौर का वन स्टॉप मॉडल देश में हो सकता है लागू
इंदौर में संचालित हो रहे वन स्टॉप सेंटर का मॉडल पूरे देश में लागू किया जा सकता है यहां जिस तरह से संधारण की प्रक्रिया की जा रही है महिलाओं को आसरा,सहारा व आत्मविश्वास दिया जा रहा है वह सीखने योग्य है इन सभी दस्तावेजों के साथ प्रोजेक्ट फाइल लेकर आप सभी दिल्ली आए। स्वधार ग्रह की मांग सरकार के सामने रखी जाएगी ताकि जल्द ही एक शेल्टर होम स्वीकृत किया जा सके। वही विवाद की स्थिति और झगड़ों से बचने के लिए आप शहर में शादी के पहले काउंसलिंग करने की पहल की जाएगी आयोग देश के सभी मुख्य जिलों में इस तरह के सेंटर की तैयारी कर रहा है।

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