छतरपुर: कहते हैं पति पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है. दों एक गाड़ी के दो पहिये की तरह होते हैं. पति-पत्नी की मुहब्बत का खूबसूरत वाकया सामने आया है छतरपुर से. जहां एक पत्नी ने अपने जज पति के लिए नौकरी छोड़ दी थी और पति के लिए समर्पित हो गई. वहीं जज पति ने भी पत्नी को जज बनाने की कसम खाई थी जो अब पूरी होने के करीब पहुंच चुकी है, क्योंकि पत्नी LLB टॉपर बन गई है. राज्यपाल ने डिग्री देकर जज की पत्नी को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया.
MCBU में छात्रों का सम्मान
छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय का पांचवा दीक्षांत समारोह 23 जनवरी को आयोजित किया गया. जिसमें मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे. MCBU के द्वारा 278 मेघावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया. विश्वविद्यालय के इस पंचम दीक्षान्त समारोह में राज्यपाल ने प्रतिभागियों को उनके अलग अलग क्षेत्रों में उपाधियों और पदकों से सम्मानित किया. छतरपुर के रहने वाले डिंडोरी में पदस्थ न्यायधीश उत्कर्ष राज सोनी की पत्नी साक्षी सोनी ने भी LLB में टॉप किया है, राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया.
जज की पत्नी बनी LLB टॉपर
गोल्ड मेडल मिलते ही जज उत्कर्ष राज सोनी पत्नी को लेकर जैसे ही घर पहुंचे तो नजारा अलग ही दिखाई दिया. ढोल नगाड़े बज रहे थे, पटाखे फूट रहे थे. मोहल्ले के लोग हाथो में थाली लिए स्वागत में खड़े थे. बहू साक्षी सोनी के टॉपर बनने की खुशी में घर पर सास और परिवार की महिलाये आरती और फूल मालाएं लिए खड़ी थी. घर पहुचते ही फूलों की बारिश शुरू हो गई.
46 छात्रों को स्वर्ण पदक, 19 को डॉक्टरेट की उपाधि
छतरपुर में आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों की उपाधियों तथा स्वर्ण पदक का वितरण राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने किया. जिसमें एमए हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल, एम.एस- सी. भौतिक शास्त्र, रसायनशास्त्र, गणित, वनस्पतिशास्त्र, माइक्रोबायोलॉजी, प्राणीशास्त्र, भूगर्भशास्त्र, बी.एस- सी, बी.ए , बी. लिब, एलएलएम, एलएलबी, बीए- एलएलबी आर्नस, बीए- एलएलबी, एमकॉम व बीकॉम, एमएड और बीएड, एमएचएससी और बीएचएससी, पी-एच. डी. के कुल 278 छात्र-छात्राओं को उपाधि दी.
इनमें से सर्वोच्च अंक पाने वाले 46 छात्र छात्राओं को स्वर्ण पदक तथा 19 विद्यार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की. उपाधिधारी एवं स्वर्ण पदक विजेताओं को शपथ दिलाई गई. वहीं, इसी दौरान जज उत्कर्ष की पत्नी साक्षी को भी LLB करने पर गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया. जज के भाई देवांश सोनी को भी LLB की डिग्री मिली है.जज उत्कर्ष राज सोनी बताते हैं, ”पत्नी पहले से सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी. शादी के बाद नौकरी छोड़ दी तो मैंने भी कसम खाई अब तुम को जज बनाऊंगा. न्यायालय से फ्री होते ही पत्नी की कोचिंग शुरू करता था और 2 से 3 घंटे रोज पढ़ाई करवाता था. आज सफलता मिली है. पत्नी LLB में टॉपर बन गई तो अब लगता है पहली मंजिल मिल गई.”
