शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में दिनदहाड़े एक सनसनीखेज हत्या की वारदात सामने आई है। शादी का कार्ड देने के बहाने आए बाइक सवार तीन हमलावरों ने घर का दरवाजा खुलवाकर बुजुर्ग महिला को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है, जबकि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, मृतिका रामसखी धाकड़ अपने घर पर मौजूद थीं, तभी बाइक सवार तीन युवक पहुंचे। उन्होंने शादी का कार्ड देने की बात कहकर दरवाजा खुलवाया। जैसे ही रामसखी बाहर आईं, एक युवक ने उनके पैर छुए और तुरंत सिर में गोली मार दी। वारदात इतनी अचानक हुई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। घटना के समय उनकी नातिन राधिका धाकड़ घर के आंगन में मौजूद थी, जिसने पूरी वारदात देखी। गोली चलने की आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। रामसखी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतिका के पारिवारिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो उन्होंने करीब 35 साल पहले लक्ष्मी नारायण लोधी से दूसरी शादी की थी। लक्ष्मी नारायण की पहली पत्नी से तीन बेटे और दो बेटियां थीं, जबकि रामसखी अपने पहले पति से जन्मे बेटे मुनेश को अपने साथ लाई थीं। रामसखी की कोई संतान नहीं हुई, लेकिन उन्होंने सभी बच्चों का पालन-पोषण किया। वर्तमान में मुनेश धाकड़ इंदौर में अपने परिवार के साथ रहता है और हाल ही में अपनी मां के इलाज के लिए गांव आया हुआ था। मामले में मृतिका के भाई महेश धाकड़ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लक्ष्मी नारायण के नाम की करीब 35 बीघा जमीन का बंटवारा हो चुका था, जिसमें रामसखी के हिस्से की जमीन वह अपने बेटे मुनेश के नाम करना चाहती थीं। नामांतरण की प्रक्रिया भी चल रही थी।

महेश धाकड़ का आरोप है कि मृतिका के सौतेले बेटे शिवराज धाकड़, साहब सिंह धाकड़ और रामकृष्ण धाकड़ इस नामांतरण के विरोध में थे और इसी कारण उन्होंने साजिश रचकर हत्या करवा दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में भी परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद और घटनाएं हो चुकी हैं। फिलहाल तेंदुआ थाना पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। वहीं, थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।