भिण्ड । मध्यप्रदेष के चंबल संभाग के भिण्ड में आज प्रातः आचार्य गुरुदेव पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महामुनिराज का 25 मुनिराजों के साथ ऊमरी में प्रवेश हुआ। 5000 पांच हजार ऊमरी, रूर ग्रामीण यादव समाज बंधुओं सहित माननीय श्री नरेन्द्र सिंह जी कुशवाह विधायक भिण्ड रविसेन जैन, डॉ राधेश्याम जी, संदीप मिश्रा, कॉग्रेस जिला अध्यक्ष पिंकी भदौरिया, अशोक जैन तेल वाले, प्रमोद जैन डब्बू, विनोद जैन पन्ना, पार्षदगण यश जैन, राहुल जैन, मनोज जैन पत्रकार, नीरजा-विमल जैन आदि श्रद्धालु उपस्थित थे ।

ऊमरी में भव्य तीर्थ शिलान्यास कार्यक्रम में परम पूज्य पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी गुरूदेव 25 पिच्छीधारी साधुओं के ससंघ सानिध्य में नवनिर्मित होने वाले तीर्थधाम श्री दिगम्बर जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी बिहार स्थली का शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जिसमें भगवान महावीर स्वामी की 31 फुट ऊंची खड़गासन प्रतिमा, 24 फुट की दो प्रतिमायें विराजमान होंगी ।
आज शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य मंदिर के शिलान्यासकर्ता ऊषा-महेन्द्र जी जैन (गुड़गांव), मुख्य वेदी के शिलान्यासकर्ता ऊमरी के कल्यानचन्द्र गणेशीलाल, भैयालाल जी जैन परिवार ऊमरी, दूसरी वेदी के शिलान्यासकर्ता गैंदालाल, वीरसेन जैन परिवार ऊमरी तथा तीसरी वेदी के शिलान्यासकर्ता अशेाक विमल जैन ऊमरी ने किया ।
पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज की शिक्षा स्थली ऊमरी में महावीर स्वामी बिहार स्थली में 24 तीर्थंकर भगवान की मूर्तियों का एक सुन्दर मानस्तम्भ का निर्माण होगा जिसके पुण्यार्जक श्री प्रमोद जी, पीयूष जी नन्दीश्वर परिवार सागर होगा।
गृह ग्राम रूर में भी मंदिर निर्माण होगा
पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के गृह ग्राम रूर में एक भव्य सुन्दर विशाल जिन मंदिर का नव निर्माण होगा। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के गृहस्थ अवस्था का भवन उनके दो भाईयों रमेश जैन, कपूरे जैन (रूर) ने अपना मकान जहां पर छोटा मंदिर जी है, को समाज को दान कर दिया है। मंदिर का निर्माण सेठ श्री बाबूलाल जी, योगेश जी, मेनवार जी (टीकमगढ) ने मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी ली है ।
57 फीट उत्तंग शिलालेख की होगी स्थापना
रूर एवं ऊमरी के मध्य भूमि पर 57 फुट उत्तंग विशाल एक पाषाण का शिलालेख स्थापित होगा जिसमें जैन इतिहास अंकित किया जायेगा। यह शिलालेख सजल जी काला, दुर्ग (छ.ग.) द्वारा स्थापित की जायेगी ।
अहिंसा ग्रुप के मीडिया प्रभारी ऋषभ जैन (अड़ोखर) ने बताया आचार्यश्री के गृहस्थ अवस्था के शिक्षक श्री मेघराज जी को वस्तुत्व काव्य पुस्तक आचार्यश्री ने भेंट की। कार्यक्रम संयोजक अहिंसा ग्रुप भिण्ड ने भव्य मंदिर शिलान्यास का निर्माण ऊमरी, रूर की सकल समाज के सहयोग से किया जावेगा। मंच का संचालन पीयूष भैया जी, उमेश शास्त्री ने किया। गीतकार बृजेश यादव ने यादव समाज के साथ आचार्य श्री का गृहस्थ अवस्था में व्यतीत हुए जीवन पर आधारित और वस्तुत्व काव्य के लिए सुन्दर भजनों की प्रस्तुति दी गईं। संगीतकार रोबिन जैन द्वारा भी सुमधुर भजनों से शमा बांधा । कार्यक्रम में ऊमरी सकल जैन समाज की ओर से भोजन व शीतल पेय पदार्थों की भरपूर व्यवस्था की गई ।
कार्यक्रम में नीरज जैन पुजारी, सचिन जैन, प्रभाष जैन अड़ोखर, महेन्द्र जैन, अजय जैन गांधी, राजकुमार जैन बॉबी, विवेक जैन मोदी, सिद्वांत जैन संकी खण्डा रोड भिण्ड, आकाश जैन मोदी, रिषभ जैन अड़ोखर, अतुल जैन, मनोज जैन दादा, पार्षद राहुल जैन, यश जैन, एवं भारतवर्ष से आये सभी श्रद्धालुओं ने आचार्यश्री की जन्म भूमि रूर व ऊमरी में भव्य शिलान्यास कार्यक्रम में पूरे भक्तिभाव के साथ शिरकत की ।
