मध्यप्रदेश में  सरकारी शिक्षा व्यवस्था भाड़े पर है। ताजा मामला मुरैना जिले से सामने आया है। मुरैना जिले में शिक्षा व्यवस्था की एक बेहद गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। शनिवार, 8 अगस्त को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बीएस इंदौलिया ने कैलारस विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल का औचक निरीक्षण किया, जहां बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं।

हाजिरी लगाकर गायब होते थे हेडमास्टर

निरीक्षण के दौरान स्कूल के हेडमास्टर अमर लाल रावत गैरहाजिर मिले। जांच में सामने आया कि हेडमास्टर साहब स्कूल में केवल अपनी हाजिरी (अटेंडेंस) लगाने आते थे और उसके बाद वहां से चले जाते थे।

4,500 रुपये में किराए पर रखी थी प्राइवेट शिक्षिका

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार हेडमास्टर को बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रतिमाह 65 हजार रुपये का वेतन मिलता है। हालांकि, उन्होंने खुद पढ़ाने के बजाय बच्चों को पढ़ाने के लिए एक निजी महिला शिक्षिका को रखा हुआ था, जिसे वे अपने पास से महज 4,500 रुपये महीना देते थे।

स्कूल पर नहीं लगा था साइन बोर्ड

निरीक्षण में DEO को स्कूल भवन पर कोई साइन बोर्ड भी नहीं लगा मिला। स्थिति यह थी कि बाहर से देखकर यह पहचान पाना भी मुश्किल था कि उस भवन में कोई शासकीय प्राथमिक स्कूल संचालित हो रहा है।

DEO ने बनाया वीडियो, कारण बताओ नोटिस जारी

जिला शिक्षा अधिकारी बीएस इंदौलिया ने मौके की स्थिति का खुद वीडियो बनाया और मामले को गंभीरता से लेते हुए हेडमास्टर अमर लाल रावत को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया है।