इंदौर। लोकायुक्त पुलिसने आज सुबह नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्रकुमार पांडे के दो ठिकानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई की है। कार्रवाई अभी जारी है। अब तक उसकी आय से चार गुना अधिक की संपत्ति का खुलासा हो चुका है। यह संपत्ति उसकी पत्नी और बच्चों के नाम पर है।

लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने बताया कि सुबह छह बजे से शुरू हुई दो अलग-अलग स्थानों पर छापे की कार्रवाई में अब तक पांडे की पत्नी के नाम पर आनंद नगर एक्सटेंशन में गजाधर नगर में एक 23 नंबर के भूखंड के दस्तावेज मिले हैं। यहां तीन मंजिला मकान बना हुआ है। इसकी कीमत एक करोड़ 20 लाख है, जबकि इसी कॉलोनी में पत्नी भावना के नाम पर 32 नंबर का भूखंड है। इस पर दो मंजिला मकान बना हुआ है। इसमें छात्रावास चल रहा है। इसकी कीमत 95 लाख से अधिक है। इसके अलावा पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम पर कारें और दोपहिया वाहन मिले हैं। एसपी ने बताया कि अभी कार्रवाई जारी है। अब तक उसको वेतन के रूप में 80 लाख रुपए मिले हैं, जबकि उसके पास से ढाई करोड़ से अधिक की संपत्ति मिल चुकी है। एसपी ने बताया कि उसके घर से लाखों के जेवर भी मिले हैं। इसके अलावा 6 बैंक खातों की जानकारी मिली है, वहीं घर में कुछ जमीनों और प्लाट के दस्तावेज भी मिले हैं। उनकी जांच की जा रही है। एलआईसी पॉलिसियां भी मिली हैं।

नामांतरण घोटाले में निलंबित हो चुका है पांडे
लोकायुक्त पुलिस द्वारा आज पकड़े गए नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी जितेंद्रकुमार पांडे को पूर्व में नामांतरण घोटाले में निलंबित किया जा चुका है। जिस समय पांडे जोनल कार्यालय क्रमांक 3 का सहायक राजस्व अधिकारी था, उस समय शिवविलास पैलेस के पास के एक मकान का उसके द्वारा गलत तरीके से नामांतरण कर दिया गया था। इस मकान का मालिक मुंबई में रहता था। हर साल वह एक बार इंदौर आता था तो उस समय नगर निगम में जाकर अपनी संपत्ति का टैक्स जमा कर दिया करता था। जब वह निगम में पहुंचा तो उसे बताया गया कि यह संपत्ति तो अब उसके नाम पर नहीं है। तब संबंधित व्यक्ति द्वारा इस मामले की शिकायत निगम आयुक्त और कलेक्टर से की गई थी। इस मामले की जांच में पाया गया कि फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर नामांतरण किया गया है। इस मामले में पांडे को निलंबित किया गया था। काफी समय तक निलंबित रहने के बाद उसे नेहरू स्टेडियम का प्रभारी बना दिया गया था। बाद में निगम के राजस्व विभाग के तत्कालीन अपर आयुक्त श्रृंगार श्रीवास्तव ने उसे संगम नगर के जोनल कार्यालय का सहायक राजस्व अधिकारी बनाया था। फिर वह जोन क्रमांक 6 सुभाष नगर का सहायक राजस्व अधिकारी बन गया। अभी पांडे वहीं पर पदस्थ था।