रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और पारिवारिक मिलन के साथ-साथ पारंपरिक परिधानों के लिए भी खास माना जाता है। हालांकि, हर साल सूट या साड़ी पहनने वाली महिलाओं और युवतियों के बीच अब त्योहारों पर कुछ अलग और आधुनिक पहनावे का चलन बढ़ रहा है। ऐसे में इंडो-वेस्टर्न आउटफिट रक्षाबंधन के लिए एक ऐसा विकल्प बनकर सामने आया है, जिसमें पारंपरिक भारतीय पहनावे की खूबसूरती के साथ आधुनिक फैशन का अंदाज भी शामिल किया जा सकता है। खास बात यह है कि इन परिधानों को अपनी पसंद, उम्र और कार्यक्रम के हिसाब से आसानी से स्टाइल किया जा सकता है।

रक्षाबंधन के दिन घर पर पूजा, भाई को राखी बांधने, परिवार के साथ फोटो खिंचवाने या रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए ऐसा पहनावा ज्यादा सुविधाजनक माना जाता है, जिसमें स्टाइल के साथ आराम भी बना रहे। इंडो-वेस्टर्न फैशन इसी जरूरत को पूरा करता है। इसमें पारंपरिक कपड़ों को आधुनिक कट, डिजाइन, जैकेट, पैंट, शर्ट या क्रॉप टॉप के साथ मिलाकर नया लुक तैयार किया जा सकता है। इस बार अगर आप पारंपरिक सूट और साड़ी से कुछ अलग पहनने की सोच रही हैं तो कई विकल्प आपके लिए उपयोगी हो सकते हैं।

लंबी स्कर्ट और क्रॉप टॉप का कॉम्बिनेशन रक्षाबंधन के लिए एक आकर्षक विकल्प हो सकता है। फ्लेयर्ड या प्रिंटेड लंबी स्कर्ट के साथ सादा या हल्का एम्ब्रॉयडरी वाला क्रॉप टॉप पहनकर फेस्टिव लुक तैयार किया जा सकता है। अगर स्कर्ट पर ज्यादा डिजाइन या प्रिंट है तो ऊपर का टॉप अपेक्षाकृत सादा रखना बेहतर रहेगा। इसके साथ हल्की ज्वेलरी और आरामदायक फुटवियर पहनने से पूरा लुक संतुलित दिखाई दे सकता है। पारिवारिक कार्यक्रम के लिए इस आउटफिट के साथ हल्का दुपट्टा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

पेप्लम टॉप और शरारा भी इंडो-वेस्टर्न स्टाइल में अच्छा विकल्प बन सकता है। शरारा पारंपरिक भारतीय परिधान का एहसास देता है, जबकि पेप्लम टॉप पूरे पहनावे को आधुनिक रूप देता है। रक्षाबंधन जैसे अवसर पर हल्के रंग या छोटे प्रिंट वाला पेप्लम टॉप चुना जा सकता है। इसके साथ हल्का दुपट्टा लेने से पहनावा अधिक फेस्टिव नजर आएगा। यह कॉम्बिनेशन खासतौर पर छोटे पारिवारिक समारोह, पूजा या घर में होने वाले रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए उपयुक्त हो सकता है।

आराम को प्राथमिकता देने वाली महिलाओं के लिए धोती पैंट और शॉर्ट कुर्ती एक उपयोगी विकल्प है। धोती पैंट ढीली और आरामदायक होने के कारण लंबे समय तक पहनी जा सकती है। इसके साथ शॉर्ट कुर्ती या एम्ब्रॉयडरी वाला क्रॉप टॉप पहनकर पारंपरिक और आधुनिक स्टाइल को एक साथ जोड़ा जा सकता है। इस पहनावे के साथ ऑक्सीडाइज्ड झुमके, छोटी बिंदी और हल्की चूड़ियां इस्तेमाल की जा सकती हैं। बहुत ज्यादा ज्वेलरी की जरूरत नहीं पड़ती और लुक को सादगी के साथ स्टाइलिश रखा जा सकता है।

लंबी कुर्ती और फ्लेयर्ड पैंट भी रक्षाबंधन के लिए एक खूबसूरत इंडो-वेस्टर्न विकल्प है। लंबी कुर्ती में पारंपरिक भारतीय अंदाज दिखाई देता है, जबकि फ्लेयर्ड पैंट इसे आधुनिक लुक देती है। इस कॉम्बिनेशन के लिए पेस्टल ग्रीन, बेबी पिंक, लैवेंडर, पीच और हल्का पीला जैसे रंग चुने जा सकते हैं। दिन के समय होने वाले पारिवारिक कार्यक्रमों में हल्के रंग ज्यादा सहज और आकर्षक नजर आ सकते हैं। इसके साथ खुले बाल, हल्का मेकअप और छोटे झुमके पूरे लुक को संतुलित बना सकते हैं।

अगर साड़ी पहनना पसंद है लेकिन इस बार उसमें कुछ बदलाव करना चाहती हैं तो साड़ी के साथ स्टाइलिश शर्ट एक अलग प्रयोग हो सकता है। पारंपरिक ब्लाउज की जगह प्लेन सफेद, पेस्टल या हल्की प्रिंट वाली शर्ट पहनकर साड़ी को आधुनिक अंदाज दिया जा सकता है। सिल्क या कॉटन साड़ी के साथ यह कॉम्बिनेशन खास तौर पर अच्छा लग सकता है। कमर पर पतली बेल्ट लगाने से साड़ी को एक अलग संरचना मिलती है और पूरा पहनावा मॉडर्न दिखाई देता है। हालांकि, शर्ट और साड़ी के रंगों का चुनाव करते समय दोनों के बीच संतुलन रखना जरूरी है।

लॉन्ग एथनिक जैकेट के साथ पलाजो और इनर टॉप भी त्योहार के लिए उपयोगी विकल्प है। यह पहनावा उन महिलाओं के लिए खास हो सकता है जो बहुत भारी पारंपरिक ड्रेस नहीं पहनना चाहतीं। एथनिक प्रिंट या हल्की कढ़ाई वाला जैकेट साधारण इनर टॉप और पलाजो को भी फेस्टिव लुक दे सकता है। इसकी एक खासियत यह है कि इसे केवल रक्षाबंधन तक सीमित नहीं रखना पड़ता। फैमिली फंक्शन, पूजा, छोटे समारोह या ऑफिस पार्टी में भी इसे अलग तरीके से स्टाइल किया जा सकता है।

इंडो-वेस्टर्न पहनावे के साथ एक्सेसरीज का चुनाव भी महत्वपूर्ण होता है। बहुत ज्यादा ज्वेलरी पहनने के बजाय किसी एक प्रमुख एक्सेसरी को लुक का हिस्सा बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए ऑक्सीडाइज्ड झुमके, चोकर या नेकपीस में से किसी एक को चुना जा सकता है। अगर कपड़ों पर पहले से भारी कढ़ाई या प्रिंट है तो हल्की ज्वेलरी ज्यादा बेहतर लग सकती है। वहीं, साधारण आउटफिट के साथ थोड़ी आकर्षक ज्वेलरी पहनकर लुक को फेस्टिव बनाया जा सकता है।

फुटवियर में पारंपरिक जूतियां, ब्लॉक हील्स या स्ट्रैपी सैंडल इस्तेमाल किए जा सकते हैं। घर में लंबे समय तक रहने या रिश्तेदारों के यहां आने-जाने की स्थिति में बहुत ऊंची हील के बजाय आरामदायक फुटवियर चुनना उपयोगी रहेगा। छोटे क्लच या पोटली बैग के साथ पूरा लुक और व्यवस्थित दिखाई दे सकता है।

मेकअप को भी कपड़ों के अनुरूप रखना बेहतर होगा। रक्षाबंधन दिन के समय मनाया जा रहा हो तो बहुत भारी मेकअप के बजाय हल्का बेस, पसंदीदा लिपस्टिक और सामान्य आई मेकअप पर्याप्त हो सकता है। छोटी बिंदी और हल्की चूड़ियां पारंपरिक स्पर्श जोड़ सकती हैं। वहीं, शाम के कार्यक्रम के लिए आंखों के मेकअप या लिप कलर को थोड़ा प्रमुख बनाया जा सकता है।

फैशन के मामले में सबसे जरूरी बात यह है कि कपड़े केवल दिखने में आकर्षक ही न हों, बल्कि पहनने वाले को आराम भी दें। रक्षाबंधन के दौरान पूजा, राखी बांधने, परिवार के साथ समय बिताने और तस्वीरें लेने जैसी कई गतिविधियां होती हैं। ऐसे में बहुत भारी या असुविधाजनक परिधान पूरे दिन परेशानी का कारण बन सकता है। इंडो-वेस्टर्न आउटफिट का फायदा यही है कि इसे अपनी सुविधा के अनुसार हल्का, पारंपरिक और आधुनिक बनाया जा सकता है।

इस रक्षाबंधन पर सूट और साड़ी के पारंपरिक विकल्पों के साथ इंडो-वेस्टर्न पहनावे को भी आजमाया जा सकता है। लंबी स्कर्ट-क्रॉप टॉप, पेप्लम टॉप-शरारा, धोती पैंट-कुर्ती, लंबी कुर्ती-फ्लेयर्ड पैंट, साड़ी-शर्ट और एथनिक जैकेट-पलाजो जैसे विकल्प अलग-अलग स्टाइल पसंद करने वालों के लिए उपयोगी हो सकते हैं। सही रंग, सीमित एक्सेसरीज और आरामदायक फुटवियर के साथ इन परिधानों को रक्षाबंधन के पारिवारिक और पारंपरिक माहौल के अनुरूप आसानी से तैयार किया जा सकता है।