शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ग्राम गोराटीला में झरने के पानी के संपर्क में आने के बाद चार बच्चों की मौत के मामले में प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग और राजस्व अमले ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिकनिक में शामिल लोगों और उनके संपर्क में आए कुल 50 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। साथ ही झरने के पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।

15 लोगों का परिवार गया था पिकनिक मनाने

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवपुरी शहर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद और फिजिकल थाना के सामने रहने वाले तनवीर के परिवार के कुल 15 सदस्य रविवार को ग्राम गोराटीला स्थित झरने पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे।

बताया गया कि परिवार के लोगों ने झरने में स्नान किया और वहीं खाना खाया। कुछ समय बाद बच्चों समेत कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। गंभीर हालत में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चार बच्चों की मौत हो गई।

50 लोगों के लिए गए ब्लड सैंपल

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल जांच के निर्देश दिए। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों की दो विशेष टीमें गठित कीं।

इन टीमों ने पिकनिक में शामिल सभी 15 लोगों के अलावा उनके संपर्क में आए कुल 50 लोगों के ब्लड सैंपल लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही तबीयत बिगड़ने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

17 वर्षीय ताशीन की भी जांच और इलाज जारी

इसी मामले में तौकीर अहमद की 17 वर्षीय बेटी ताशीन की जांच में कुछ समस्या सामने आई है। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया और उपचार शुरू कर दिया है। चिकित्सकों की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है।

झरने के पानी के भी लिए गए सैंपल

प्रशासन ने झरने के पानी की गुणवत्ता की भी जांच शुरू कर दी है। पानी के नमूने लिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसमें किसी तरह का संक्रमण या कोई जहरीला तत्व मौजूद है या नहीं।

कलेक्टर के निर्देश पर कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने प्रशासनिक अमले, पटवारी, सरपंच और ग्रामीणों के साथ सिद्ध बाबा बरसाती नाले से निकलने वाले झरने और गोराटीला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया।

एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को गांव में घर-घर सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों में किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराने को कहा गया है।

जांच रिपोर्ट आने तक झरने का पानी इस्तेमाल न करने की अपील

घटना के बाद जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए ग्रामीणों से अपील की है कि जांच रिपोर्ट आने तक झरने के पानी का इस्तेमाल नहाने, पीने या किसी भी घरेलू काम के लिए न करें।

प्रशासन का कहना है कि पानी और ब्लड सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

पीड़ित परिवारों को 1.5-1.5 लाख रुपये की सहायता

दुखद घटना के बाद प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी गई है। अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की।

रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को 1.5-1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे गए। प्रशासन ने घटना की जांच और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य निगरानी के लिए आवश्यक कदम जारी रखने की बात कही है।