मध्यप्रदेश कैबिनेट मीटिंग मंगलवार को , डा. मोहन यादव की अध्यक्षता मे आयोजित की गई, जिसमेंं कई बड़े फैसले लिए गए। बच्चों की स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए पेरेंट्स के खातों में सीधे पैसे भेजे जाएंगे। मप्र सरकार 600 रुपये ड्रेस के हिसाब से कुल 348 करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मप्र कैबिनेट मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि कक्षा 1 से लेकर 8 तक 9.58 लाख का स्टूडेंट्स को स्कूल ड्रेस बनाकर दिए जाने की योजना थी, लेकिन क्वालिटी को लेकर इसकी संभावना नहीं बनी। बच्चों के लिए देरी करना ठीक नहीं है, इसलिए 600 रुपये प्रति स्कूल ड्रेस के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। डीबीटी के जरिए पर पेरेंट्स के खातों में पैसे भेजे जाएंगे। अगले साल दूसरे नियम के तहत स्कूल के बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस की व्यवस्था की जाएगी।

दमोह-कटनी फोरलेन को मंजूरी

कैबिनेट ने दमोह-कटनी के बीच 105.01 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड के प्रस्ताव को मंजूरी दी। करीब 4,400 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाई जाएगी। फोरलेन बनने के बाद दमोह-कटनी के बीच सफर का वक्त करीब डेढ़ घंटे कम होने का अनुमान है। अभी टू-लेन मार्ग पर भारी वाहनों की वजह से कई जगहों पर ट्रैफिक जाम होता है। ये फोरलेन बुंदेलखंड से लेकर विंध्य तक कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।

अग्निवीरों को नौकरी का मौका

मध्यप्रदेश में वर्दीधारी विभागों में अग्निवीरों के लिए भर्ती के नए मौके दिए जाएंगे। अग्निवीरों को अलग से आरक्षण देने की व्यवस्था बनाई जाएगी। इसके साथ ही पूर्व सैनिकों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। वन विभाग के आरक्षक, गृह विभाग, विशेष सशस्त्र बल (स््रस्न), जेल प्रहरी और आबकारी विभाग के आरक्षक जैसे पदों पर अग्निवीरों को मौका दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। सीएम मोहन यादव ने इसे प्रदेश में एक बड़ी नई पहल बताया है।

सिंगरौली में 450 बेड का अस्पताल

सिंगरौली में 450 बेड का अस्पताल तैयार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज में रूक्चक्चस् की 150 सीटों की जरूरत थी, जिसे बढ़ाकर 155 किया गया है। इसके साथ ही अस्पताल और चिकित्सा सुविधाओं के लिए 355 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।

सिंचाई विभाग की 4 बड़ी योजनाओं को मंजूरी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए 3,113 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग की 4 बड़ी योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है। मां रतनगढ़-दतिया सिंचाई परियोजना से 78 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके लिए 1,608 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है और योजना को 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है। रामपुर मानव परियोजना के लिए 524 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इस योजना से 44 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है और इसे भी 2027 तक पूरा किया जाना है।

शिप्रा नदी में नहीं मिलेगा कान नदी का प्रदूषित पानी

उज्जैन में कान नदी का प्रदूषित पानी शिप्रा नदी में मिलने से रोकने के लिए चल रही योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस योजना का 52 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सागर जिले में करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा देने वाली योजना का काम भी 2027 तक पूरा करने का टारगेट रखा गया है।