भोपाल। मध्य प्रदेश में हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा चल रहा है। बुधवार को भाजपा के दो विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में आ गए हैं। जिससे बीजेपी को बड़ झटका लगा है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बाद राज्य के जनसंपर्क मंत्री पी सी शर्मा ने दावा करते हुए कहा कि अभी और भी भाजपा विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। उनके अलावा परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत ने भी बीजेपी के दो और भाजपा विधायकों के पार्टी में शामिल होने का दावा किया है।

कैबिनेट मंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ और हमारे कांग्रेस नेता पहले भी कहते थे कि अनेक भाजपा विधायक हमारे संपर्क में हैं, तो कोई भरोसा नहीं करता था। लेकिन आज के घटनाक्रम के कारण साबित हो गया है कि भाजपा के विधायक कांग्रेस के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ दो विधायक ही हमारे पास आए हैं। भाजपा के अनेक विधायक हमारे पास आने के लिए बाउंड्री पर बैठे हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कर्नाटक के घटनाक्रम के बाद आज विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने विधानसभा में कहा कि नंबर एक और दो से आदेश मिलने पर 24 घंटे में सरकार गिरायी जा सकती है। इसलिए आज हमारी सरकार ने संशोधन विधेयक पर मत विभाजन की स्थिति बनने पर बहुमत साबित कर दिया। सरकार के पक्ष में 122 विधायकों ने वोट किया, जबकि अभी तो विधानसभा अध्यक्ष ने वोट ही नहीं किया। शर्मा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस सरकार पूरे पांच साल तक चलेगी। अब तो विपक्षी दल भाजपा को समझ जाना चाहिए।

गौरतलब है कि सदन में आज दंड विधि (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक पर चर्चा के बाद पारित कराने के लिए बहुजन समाज पार्टी के एक विधायक ने मत विभाजन की मांग कर दी। भाजपा सदस्यों के विरोध के बावजूद मतदान हुआ, जिसमें कांग्रेस के पक्ष में 122 मत पड़े। इसमें कांग्रेस के 113, बसपा के दो, सपा का एक, चार निर्दलीय और दो भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल शामिल हैं। भाजपा के शेष विधायकों ने मतदान से स्वयं को दूर रखा।

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