इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव सुधीर रंजन मोहंती ने आज एक पत्रकार वार्ता के दौरान प्रदेश में तेज बारिश और बाढ़ को लेकर जानकारी दी। मुख्य सचिव ने कहा कि हमने बारिश की 3 महीने पहले ही तैयारियां कर ली थी। अगस्त में ही सभी डैम के गेट खोल दिए गए थे। प्रदेश में औसत से कही ज्यादा बारिश हुई। गांधी सागर बांध को लेकर चल रही अफवाह पर उन्होंने कहा कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें अभी और पानी भर सकता है। गांधी सागर के बैकवाटर से डूबे इलाकों पर फोकस किया जा रहा है।
सरकार ने एनडीआरएफ और राजस्थान सरकार के अफसरों से भी इसे लेकर बात की है। मुरैना में 5 तहसील बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां रिलीफ कैंप बनाए गए हैं। भिण्ड में आर्मी के जवानों की मदद ली गई है। कुछ दिनों में बाढ़ का खतरा कम होने की उम्मीद है। हम सबसे पहले रिलीफ और रेस्क्यू पर ध्यान देते हैं। रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने काम शुरू कर दिया है। बाढ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। नदी में पानी गढने की संभावना को लेकर स्थिति पर बराबर नजर रखी जा रही है।
