हैदराबाद/भोपाल हैदराबाद के बीएचएईएल में बतौर डिप्टी ऑफिसर (अकाउंट्स) कार्यरत भोपाल की रहने वाली नेहा चौकसे ने साथियों की प्रताड़ना से तंग आकर गुरुवार को आत्महत्या कर ली। नेहा ने सुसाइड नोट में बीएचईएल के डीजीएम रैंक के अफसर और उसके साथियों द्वारा फोन हैक किए जाने, प्रताड़ित करने, उत्पीड़न करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का जिक्र किया है। आत्महत्या से पहले नेहा ने अलग-अलग जगहों पर सहकर्मियों की हरकतों के बारे में शिकायत भी की थी। तेलंगाना पुलिस में फोन हैक किए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
नेहा ने अपने एक पत्र में लिखा कि पति के साथ रहने के लिए उसने भोपाल बीचएईएल से हैदराबाद बीएचईएल में ट्रांसफर लिया था। हैदराबाद बीएचईएल में काम करने वाले डीजीएम फाइनेंस आर्थर किशोर कुमार ने उसे पिछले दो महीने में काफी प्रताड़ित किया। आर्थर ने नेहा का फोन भी हैक कर लिया। नेहा ने इस पत्र में आर्थर किशोर कुमार के अलावा मोहनलाल सोनी, तीरथभासी स्वेन, सीताराम पेंटाकोटा और महेश कुमार के नाम भी लिए हैं। ये लोग नेहा पर अश्लील फब्तियां कसते थे। नेहा के पत्र के मुताबिक, आर्थर ने उसे जान से मारने की साजिश रच ली थी।
नेहा ने सुसाइड नोट में भोपाल बीएचईएल के कर्मियों पर भी प्रताड़ना का आरोप लगाया
नेहा ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया है कि भोपाल बीएचईएल के फाइनेंस डिपार्टमेंट में काम करने वाली नीलिमा, रूचिता, कल्पना, स्वाति और नेहा नाम की महिला ने भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। हैदराबाद तबादला होने के बाद इन लोगों ने वहां भी बदनाम करने की कोशिश की। नेहा ने पत्र मंे लिखा है कि आर्थर ने उनके पति और परिवार के अन्य सदस्यों के फोन भी हैक कर लिए थे।
