ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में गोली मारकर लूट की ताबडतोड वारदात करने वाली लुटेरों की इंटरस्टेट गैंग ग्वालियर पुलिस ने पकडी है। छह दिन पहले ही इस गैंग के सदस्यों ने बैंक परिसर में घुसकर पीतांबरा गैस एजेंसी के मुनीम वासुदेव शर्मा (55) को गोली मारकर 4.5 लाख रुपए लूटे थे। शहर में दहशत फैलाने वाली इस लुटेरी गैंग के शार्प शूटर नवीन शर्मा को क्राइम ब्रांच ने दीपावली की सुबह शॉर्ट एनकाउंटर में पकडा। इसी लुटेरे ने मुनीम को दो गोलियां मारी थीं। शनिवार रात को जब मास्टरमाइंड धर्मेंद्र जाट को पुलिस ने सीसीटीवी में मुनीम को फॉलो कर रही स्कॉर्पियो के नंबर के आधार पर हिरासत में लिया तो शूटर नवीन अपनी कपडे की दुकान बंद कर गांव भाग रहा था। बिजौली के रास्ते वह बाइक से गांव जा रहा था, तभी दीपावली की सुबह करीब 5.30 बजे पुलिस ने उसे घेर लिया। वह बाइक छोडकर भागा और पुलिस पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। जवाब में जब पुलिस ने गोलियां चलाई तो एक गोली लुटेरे के पैर में लगी, इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। लुटेरों की गैंग का सरगना धर्मेंद्र शिवपुरी के बैराढ थाना प्रभारी बीपी जाट का बेटा है। जो खुद को एक फायनेंस कंपनी का रिकवरी मैनेजर बताता था। इस गैंग में शामिल मथुरा के हिस्ट्रीशीटर तपेश पंडित, आकाश जाट और नवाब गुर्जर निवासी ग्वालियर को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभी इनका एक साथी राज वाल्मीक फरार है। मुनीम से लूटी गई रकम में से 1.16 लाख रुपए, लूट में उपयोग की गई बाइक, स्कॉर्पियो और वह पिस्टल बरामद हो गई है, जिससे मुनीम को गोली मारी थी। इसके अलावा नवीन की दुकान में से एक अन्य पिस्टल और कट्टा भी बरामद हुआ है। इनसे अभी तक लूट की पांच वारदातों का खुलासा हो चुका है। धर्मेंद्र ने लूटी रकम से शिवपुरी में 11 बीघा जमीन और काले रंग की स्कॉर्पियो खरीदी है।
मध्यप्रदेश पुलिस में ही बैठे है बहुत बडे अपराधी जिल पर हर कोई हाथ नहीं डालता। अगर परिवार में एक कोई पुलिस में भर्ती हो जाए फिर तो पूरा परिवार ही पुलिस में हो जाता है। यह कोई पहली घटना नहीं है कि कोई पुलिस वाले का लडका अपराध में पकडा गया हो। ग्वालियर-चंबल संभाग में पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक, प्रधान आरक्षक के परिवार का रिकार्ड देखा जाए तो किसी से कुछ भी पूछने की जरुरत नहीं पडेगी। 4 पहिया गाडियों की ही जांच कर ली जाए तो पता चल जाएगा कि इन चार पहिया गाडियों का इस्तेमाल करने वालों के कौन से कारोबार है। कल तक जिनके पास अपनी व अपने परिवार की जीविका चलाने के लिए कुछ नहीं था। आज करोडों के मालिक कैसे बन गए। लेकिन पुलिस की जांच करे कौन।
एसपी नवनीत भसीन ने क्राइम ब्रांच प्रभारी दामोदर गुप्ता, एसआई पप्पू यादव, महावीर सिंह, सिपाही राजीव सोलंकी, गुलशन, भगवती, गौरव को फुटेज खंगालने का टास्क दिया था। टीम ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें माधवनगर, राजमाता चौराहा और स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान के सामने स्कॉर्पियो नजर आई। जिस रास्ते लुटेरे भागे। वहां श्रीराम कॉलोनी के पास बाइक से उतरकर दो लुटेरे स्कॉर्पियो में बैठते दिखे। जांच की तो स्कॉर्पियो धर्मेंद्र जाट के नाम पर निकली। पुलिस को गुमराह करने के लिए पता गलत लिखा था। इलाके में जांच के बाद पुलिस उस तक पहुंच गई।
