भोपाल। मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप का शिकार हुए मंत्री, नेता एवं आईएएस, आईपीएस अफसरों से पूछताछ की तैयारी पूरी हो गई है। मामला हनी ट्रैप का है, इसलिए पूछताछ गुपचुप होगी। एसआईटी ने अफसरों को सूचना भेज दी है। कहा है कि छुट्टी के दिन चुपचाप आकर अपने बयान दर्ज करा सकते हैं। ये वही अफसर हैं जिनके चेहरे वीडियो में नजर आ रहे हैं।

अफसरों से महिलाओं के एनजीओ को दिए गए काम के दस्तावेज दिखाकर भी सवाल किए जाएंगे। इंदौर पुलिस ने इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर श्वेता विजय जैन, श्वेता स्वप्निल जैन, बरखा सोनी, आरती दयाल और मोनिका यादव को गिरफ्तार किया था। ब्लैकमेल करने की धमकी देकर आरती दयाल ने इंजीनियर से तीन करोड़ रुपए मांगे थे।

उनके पास से कई पूर्व मंत्रियों, कुछ कारोबारियों और मध्यप्रदेश के एक दर्जन आईएएस, आईपीएस अफसरों के ऑडियो-वीडियो मिले थे। अब एसआईटी जांच की रफ्तार तेज करने के मूड में है। सूत्रों के मुताबिक अफसरों को बुलाकर उनके सामने लैपटॉप में वीडियो खोले जाएंगे। उन्हें दिखाकर पूछा जाएगा कि आप हैं या नहीं। आप संबंधित महिलाओं को पहचानते हैं या नहीं। जिन-जिन एनजीओ को अफसरों ने काम दिए हैं उनके आदेश की कॉपी भी गिरफ्तार महिलाओं के लैपटॉप और मोबाइल में मिली हैं।

पहले आईएएस अफसरों से पूछताछ होगी, क्योंकि उनकी संख्या ज्यादा है। नेताओं की संख्या अफसरों की तुलना में कम है। आखिर में आईपीएस अफसरों से पूछताछ होगी। बडे कारोबारियों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच व पूछताछ में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। हसीनाओं के शौकीन इन अधिकारियों की उलटी गिनती शुरु हो गई है। प्रदेश सरकार भी ऐसे अधिकारियों को मलाईदार पद से हटाएगी।

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