सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन इलाके में स्कूल से लौट रही एक शिक्षिका से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना गुरुवार की शाम करीब 6 बजे की है। पुलिस ने रात में ही दबिश देकर चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना को लेकर भोपाल में करणी सेना और संस्कृति बचाओ मंच के आह्वान पर व्यापमं चौराहे से बोर्ड ऑफिस तक रैली निकाली गई।
शिक्षिका निजी स्कूल में पढाती थी। रोजाना की तरह शाम 6 बजे वह स्कूल से घर वापस जा रही थी। रास्ते में सडक के किनारे बैठे चार लोगों ने उसको रोक लिया और कपडे से मुंह बंद कर नहर के किनारे खेत में घसीटकर ले गए, जहां सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
दरिंदों के चंगुल से छूटने के बाद पीडिता घर पहुंची और परिजनों को आपबीती सुनाई। शिक्षिका के परिजनों ने घटना की रिपोर्ट गुरुवार रात 8 बजे पिपराव चौकी में दर्ज कराई। एसपी बेलवंशी ने मामले की जांच करने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी रामपुर नैकिन अशोक पांडेय और पिपराव चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी बच्चू लोनिया, वीरू लोनिया, नरेंद्र लोनिया और शिवशंकर लोनिया को रात में ही उनके घरों में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को रीवा रेंज के डीआईजी भी मौके पर पहुंच गए।
सीधी में प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका के साथ हुई बलात्कार की घटना के विरोध में संस्कृति बचाओ मंच और करणी सेना के संयुक्त तत्वाधान में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के समर्थन में व्यापमं चौराहे से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि अब बलात्कारियों को सीधे दंड देने का समय आ गया है क्योंकि हमारे यहां के लचीले कानून के कारण यह लोग निर्दोष छूट जाते हैं। दुष्कर्मियों का एनकाउंटर करके सजा मिलनी चाहिए या फांसी देकर अब अगर इस प्रकार के निर्णय नहीं हुए तो जनता अपने हाथ में लेने के लिए मजबूर होगी।
