जबलपुर । 60 घंटे के कोरोना कर्फ्यू को कलेक्टर के आदेश के तहत 22 अप्रैल तक निरंतर कर दिया गया है लेकिन सब्जी, दूध तथा किराने के लिए निर्धारित समय की छूट के दौरान पूरे के पूरे मार्केट खुल गए थे। भीड़ का आलम यह था कि बाजारों ंमें पांव रखने की जगह नहीं थी और लग ही नहीं रहा था कि सोमवार को लॉक डाउन है। यह लापरवाही और भीड़ शहर के लिए भारी पड़ सकती है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त बनीं रहें, लोगों को रोजमर्रा की चीजों की कहीं कोई परेशानी न रहे इस बात पर कलेक्टर ने फोकस करते हुए सभी आवश्यक चीजों के लिए प्रतिदिन छूट का प्रावधान किया है लेकिन सोमवार को यह छूट आउट आॅफ कंट्रोल नजर आई। सब्जी मंडियों से लेकर किराना बाजार पर जाम के नजारे रहे। कपड़े से लेकर हर तरह की दुकान मार्केटों में खुली नजर आर्इं।

पुलिस की सख्ती, ढाई लाख जुर्माना

वहीं पुलिस की सख्ती बरकरार रही, शहर में मास्क नहीं लगाने एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने वाले 2504 व्यक्तियों के विरुद्ध 02 लाख 57 हजार 600 रुपए समन शुल्क फाईन किया गया। इसके साथ ही 2449 प्रकरण में 3640 व्यक्तियों के खिलाफ 188 भादवि की कार्रवाई की गई।

इन स्थानों पर कार्रवाईयां

गोहलपुर में गाजी मियां मैदान पर विपिन यादव पर भीड़ लगाकर खडेÞ होने का मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। गोराबाजार में एके ट्रेडर्स हार्डवेयर के संचालक अंकित महोबिया को दुकान खोलकर भीड़ लगाने पर कार्रवाई की गई। कोतवाली में खेरमाई मंदिर के पास खाली मैदान में शुभम केवट नाम के एक युवक से 18 पाव देशी शराब जब्त की गई। वहीं गोरखपुर में रामपुर मस्जिद के पीछे स्कूटी क्रमांक एमपी 20 एसएस 8555, के चालक अभिषेक बिहुनिया से 20 पाव देशी शराब जब्त की गई।

करमचंद चौक तो देखते ही बना

मुकादमगंज तो किराना मार्केट के कारण गुलजार रहा लेकिन करमचंद चौक पर स्थित हार्डवेयर से लेकर इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी मार्केट ही खोल दी गई। इतना ही नहीं व्यापारियों की लापरवाही को जब मीडिया ने कैमरे में कैद करने की कोशिश की तो व्यापारी झगड़ने पर भी आमादा हो गए। इस दौरान मौके पर पुलिस का एक भी सिपाही न तो मौजूद रहा और न ही पेट्रोलिंग के लिए वहां से निकला। करना होगा। मंदिर परिसर में पूर्व की भांति ही विशेष पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।

मौके को छोड़ना नहीं चाह रहा कोई दुकानदार

व्यापारियों का तर्क है कि कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन से वे तंग आ चुके हैं। धंधा पूरी तरह बैठा हुआ है। शासन और प्रशासन को उनके व्यापार की कोई चिंता नहीं है न ही प्रशासन का कोई आदेश उनके कारोबार को ध्यान में रखते हुए लागू किया जा रहा है। ऐसे में उन्हें जब जैसे मौका मिल रहा है, वे दुकानें खोलने के लिए मजबूर हैं।

इन क्षेत्रों में बाजार रहे गुलजार

शहर के गोरखपुर, सदर, गढ़ा, रांझी, अधारताल, ग्वारीघाट सहित दीनयाल चौक, मंडी गेट के सामने, दमोहनाका, मिलौनीगंज, छोटा फुहारा, बड़ा फुहारा, मुकादमगंज, रानीताल, लेबर चौक, घमापुर, कांचघर, रामपुर, गोहलपुर, रद्दी चौकी सहित सभी बाजारों में सुबह से भीड़ रही।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *